ट्रंप की मौजूदगी में व्हाइट हाउस के बाहर फायरिंग, ईरान जंग के बीच हुआ हमला, अलर्ट पर सीक्रेट सर्विस

अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डी.सी. में स्थित सबसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाके में उस समय सनसनी फैल गई, जब व्हाइट हाउस के पास फायरिंग की घटना सामने आई. यह घटना राष्ट्रपति आवास के ठीक सामने स्थित लाफायेट पार्क के नजदीक हुई.

Firing outside the White House in the presence of Trump
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वॉशिंगटन: अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डी.सी. में स्थित सबसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाके में उस समय सनसनी फैल गई, जब व्हाइट हाउस के पास फायरिंग की घटना सामने आई. यह घटना राष्ट्रपति आवास के ठीक सामने स्थित लाफायेट पार्क के नजदीक हुई. खास बात यह रही कि घटना के समय अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस में ही मौजूद थे, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और बढ़ गई है.

हालांकि राहत की बात यह है कि इस फायरिंग में किसी के घायल होने की खबर नहीं है, लेकिन गोली चलाने वाला संदिग्ध अब तक फरार है. घटना के बाद से पूरे इलाके में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है और सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है.

सीक्रेट सर्विस और पुलिस ने घेरा मोर्चा

यूएस सीक्रेट सर्विस ने जानकारी दी है कि स्थानीय पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर संदिग्ध व्यक्ति और उसके वाहन की तलाश की जा रही है. इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और हर आने-जाने वाले पर कड़ी नजर रखी जा रही है.

सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और फिलहाल किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. हालांकि व्हाइट हाउस के भीतर सामान्य कामकाज जारी है, लेकिन सुरक्षा में कोई ढील नहीं दी जा रही है.

हाई प्रोफाइल इलाके में लगातार दूसरी घटना

पिछले कुछ दिनों में यह दूसरी ऐसी घटना है, जिसने अमेरिका की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. इससे पहले फ्लोरिडा में एक संदिग्ध विमान के चलते एफ-16 लड़ाकू विमानों को अलर्ट पर भेजना पड़ा था. उस दौरान भी राष्ट्रपति सुरक्षित थे, लेकिन घटना ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया था.

ड्रोन की घटनाओं ने भी बढ़ाई चिंता

इससे पहले 19 मार्च को अमेरिका में अज्ञात ड्रोन देखे जाने की घटना सामने आई थी. ये ड्रोन उन सैन्य इलाकों के ऊपर मंडरा रहे थे, जहां कई बड़े अधिकारी रहते हैं. बताया गया कि यह इलाका MacDill Air Force Base और Joint Base McGuire-Dix-Lakehurst जैसे संवेदनशील ठिकानों से जुड़ा हुआ है.

इन घटनाओं के बाद व्हाइट हाउस में उच्च स्तरीय बैठक बुलाकर सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की गई थी. साथ ही दुनिया भर में अमेरिकी दूतावासों के लिए ग्लोबल सिक्योरिटी अलर्ट भी जारी किया गया था.

ईरान-अमेरिका तनाव के बीच बढ़ी सतर्कता

यह पूरी घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है. दोनों देशों के बीच चल रहे संघर्ष के कारण अमेरिका पहले से ही हाई अलर्ट पर है.

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं “लोन वुल्फ अटैक” या गुरिल्ला रणनीति का हिस्सा भी हो सकती हैं. ईरान समर्थित समूह दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय माने जाते हैं, जिससे इस तरह के खतरे की आशंका और बढ़ जाती है.

सुरक्षा एजेंसियां सतर्क, जानकारी सीमित

अमेरिका की सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से ले रही हैं. फिलहाल जांच से जुड़ी ज्यादा जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा रही है, ताकि किसी भी तरह की अफवाह या सुरक्षा में सेंध से बचा जा सके.

व्हाइट हाउस और राष्ट्रपति की सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं किया जा रहा है. आने वाले दिनों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी की जा सकती है, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके.

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