Ukraine Russia War: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है. यूक्रेन ने मंगलवार को रूस के यूराल क्षेत्र में स्थित सालावत पेट्रोकेमिकल प्लांट को निशाना बनाया. यह प्लांट बड़ी उत्पादन क्षमता वाला माना जाता है.
हमले के बाद क्षेत्रीय गवर्नर ने बताया कि प्लांट को नुकसान पहुंचा है, लेकिन उत्पादन पर इसका बड़ा असर नहीं पड़ा है. उन्होंने कहा कि नुकसान को कुछ दिनों में ठीक कर लिया जाएगा.
कीव पर रूस का फिर मिसाइल और ड्रोन हमला
वहीं, रूस ने भी यूक्रेन की राजधानी कीव पर एक बार फिर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया है. मंगलवार तड़के हुए इस हमले को जुलाई का पांचवां बड़ा हमला बताया जा रहा है. यूक्रेन के अनुसार, कीव में करीब 16 जगहों को निशाना बनाया गया. हालांकि, अभी तक नुकसान की पूरी जानकारी सामने नहीं आई है. इसके अलावा खार्कीव में हुए रूसी हमले में सात लोगों के घायल होने की खबर है.
यूक्रेन ने दो ऊर्जा ठिकानों को बनाया निशाना
यूक्रेनी सेना के मुताबिक, सोमवार और मंगलवार की रात रूस के सालावत प्लांट के अलावा एफिप्स्की ऑयल रिफाइनरी पर भी हमला किया गया. यूक्रेन का दावा है कि इन हमलों से दोनों जगहों को नुकसान पहुंचा है और रिफाइनरी में आग भी लगी.
यूक्रेन का मकसद रूस की ईंधन से होने वाली कमाई को कम करना है. उसका मानना है कि इससे रूस के पास युद्ध के लिए पैसा कम होगा और वह हमले रोकने के लिए मजबूर हो सकता है.
रूस की तेल शोधन क्षमता में आई गिरावट
रूस की तेल रिफाइनरियों पर लगातार हो रहे यूक्रेनी ड्रोन हमलों का असर अब उसकी तेल शोधन क्षमता पर भी दिखाई दे रहा है. रिपोर्ट के अनुसार, रूस की तेल शोधन क्षमता घटकर करीब 38 लाख बैरल प्रतिदिन रह गई है. पहले यह क्षमता करीब 43 लाख बैरल प्रतिदिन थी. तेल उत्पादन और खपत पर नजर रखने वाली संस्था कैप्लर के मुताबिक, यह रूस की तेल शोधन क्षमता का पिछले 21 सालों का सबसे निचला स्तर है.
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