फरीदाबाद में बड़ा हादसा, फ्लाईओवर निर्माण स्थल पर पलटी क्रेन, एक मजदूर की मौत; कई घायल

Faridabad News: हरियाणा के फरीदाबाद में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसे ने विकास परियोजनाओं के बीच सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए. जेवर एयरपोर्ट को बेहतर सड़क संपर्क देने के लिए चल रहे ग्रीन कॉरिडोर प्रोजेक्ट के तहत निर्माणाधीन फ्लाईओवर साइट पर भारी-भरकम क्रेन अचानक पलट गई.

Faridabad crane accident Jewar Airport flyover incident
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Faridabad News: हरियाणा के फरीदाबाद में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसे ने विकास परियोजनाओं के बीच सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए. जेवर एयरपोर्ट को बेहतर सड़क संपर्क देने के लिए चल रहे ग्रीन कॉरिडोर प्रोजेक्ट के तहत निर्माणाधीन फ्लाईओवर साइट पर भारी-भरकम क्रेन अचानक पलट गई. इस हादसे में एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि कई अन्य मजदूरों के मलबे और क्रेन के नीचे दबने की सूचना मिली. घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और राहत-बचाव कार्य युद्धस्तर पर शुरू करना पड़ा.

ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के दौरान हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना पनहेड़ा खुर्द गांव के पास उस समय हुई जब निर्माणाधीन पुल पर गार्डर स्थापित करने का काम चल रहा था. साइट पर मौजूद भारी क्रेन के जरिए गार्डर को उठाया जा रहा था. इसी दौरान अचानक क्रेन का संतुलन बिगड़ गया और वह देखते ही देखते एक तरफ पलट गई. हादसा इतना अचानक हुआ कि वहां काम कर रहे मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला.

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्घटना के समय निर्माण स्थल पर कई मजदूर कार्य में लगे हुए थे. क्रेन गिरते ही चीख-पुकार मच गई और काम कर रहे लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे. कुछ मजदूर क्रेन की चपेट में आ गए, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई.

बारिश के बाद बदली जमीन की स्थिति पर उठे सवाल

प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि पिछले कुछ दिनों में हुई बारिश के कारण निर्माण स्थल की जमीन काफी नरम और दलदली हो गई थी. स्थानीय लोगों का मानना है कि मिट्टी धंसने और जमीन कमजोर पड़ने के कारण क्रेन का संतुलन बिगड़ा होगा. हालांकि अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

विशेषज्ञों का मानना है कि भारी मशीनरी के संचालन के दौरान जमीन की स्थिति का विशेष ध्यान रखना आवश्यक होता है. यदि जमीन पर्याप्त मजबूत न हो तो इस तरह की दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है. इसी पहलू को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है.

स्थानीय लोगों ने संभाला मोर्चा

हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों और अन्य मजदूरों ने राहत कार्य शुरू कर दिया. कई लोगों ने अपने स्तर पर दबे हुए मजदूरों को बाहर निकालने की कोशिश की. सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और आपदा राहत से जुड़ी टीमें भी घटनास्थल पर पहुंच गईं. बचाव दल ने क्रेन और मलबे के नीचे फंसे लोगों को निकालने के लिए विशेष उपकरणों की मदद ली. घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया ताकि उन्हें समय रहते इलाज मिल सके. राहत कार्य के दौरान पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया.

अस्पताल में एक मजदूर मृत घोषित

रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान बाहर निकाले गए मजदूरों को इलाज के लिए सर्वोदय अस्पताल भेजा गया. अस्पताल सूत्रों के अनुसार, एक मजदूर को मृत अवस्था में लाया गया था. वहीं एक अन्य युवक की हालत गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज जारी है. कुछ अन्य मजदूरों को भी चोटें आई हैं, जिनकी स्थिति पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं. अधिकारियों के मुताबिक, अभी भी घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य जारी है तथा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई व्यक्ति मलबे के नीचे न फंसा रह जाए.

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