F-35 Deal Spain: वैश्विक रक्षा बाजार में एक नई लहर देखी जा रही है, जहां यूरोपीय देश अब अमेरिकी हथियार प्रणालियों से दूरी बना रहे हैं. इस कड़ी में स्पेन ने अमेरिका के अत्याधुनिक F-35 स्टील्थ लड़ाकू विमान खरीदने के अपने निर्णय को अचानक रद्द कर दिया है. यह फैसला अमेरिका के लिए यूरोप में सैन्य प्रभुत्व की चुनौती की तरह है. अब स्पेन तुर्की के स्वदेशी विकसित KAAN लड़ाकू विमान में गहरी रुचि दिखा रहा है.
स्पेन ने F-35 को खरीदने से पीछे हटने के कई कारण बताए हैं. सबसे बड़ा कारण है विमान की बढ़ती कीमतें और सॉफ़्टवेयर की बार-बार आती खराबियाँ. इसके अलावा F-35 की ऑपरेशनल उपलब्धता भी चिंताजनक रही है. यह जेट कई देशों के लिए महंगा और जटिल साबित हो रहा है, जिससे यूरोप के कई देश, जैसे कनाडा, स्विट्जरलैंड और पुर्तगाल भी अपने फैसलों पर पुनर्विचार कर रहे हैं.
तुर्की का नया सैन्य गर्व: KAAN
तुर्की ने F-35 परियोजना से बाहर हो जाने के बाद KAAN नामक पांचवीं पीढ़ी के स्वदेशी लड़ाकू विमान का विकास किया है. इस विमान की पहली उड़ान फरवरी 2024 में सफल रही है. KAAN का स्टील्थ डिज़ाइन, उन्नत एवियोनिक्स और बहुमुखी लड़ाकू क्षमताएं इसे खास बनाती हैं. तुर्की अपनी वायुसेना में इस विमान को शामिल करने के साथ-साथ इसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी बेचने की योजना बना रहा है.
इंडोनेशिया ने पहले ही किया 48 विमानों का ऑर्डर
तुर्की के इस नए विमान ने पहले ही इंडोनेशिया को अपना पहला विदेशी ग्राहक बना लिया है, जिसने 48 KAAN लड़ाकू विमानों के लिए अनुबंध किया है. अब स्पेन भी इस विमान के दूसरे संभावित खरीदार के तौर पर उभर रहा है. यदि स्पेन यह सौदा करता है, तो यह तुर्की के लिए एक महत्वपूर्ण रक्षा निर्यात सफलता साबित होगी.
अमेरिका से यूरोप का मोहभंग
स्पेन सहित कई यूरोपीय देश अब अमेरिका पर सैन्य उपकरणों में डिजिटल निर्भरता को लेकर सवाल उठा रहे हैं. F-35 के ऑपरेशन और मेंटेनेंस पर अमेरिकी नियंत्रण ने यूरोपीय देशों को अपनी सैन्य स्वायत्तता के लिए नए विकल्प खोजने पर मजबूर कर दिया है. इस संदर्भ में स्पेन का फैसला यूरोप के लिए एक रणनीतिक संकेत है.
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