Hamas Israel War: अमेरिका ने इस्राइल-हमास युद्ध को समाप्त करने के प्रयास में एक 20‑पॉइंट की योजना प्रस्तुत की है, जिसमें बंधकों की रिहाई, संघर्षविराम, और गाजा की पुनर्स्थापना सम्मिलित हैं.
इस योजना के पहले कदम के रूप में आज मिस्र (कैरो) में हमास और इज़राइल के बीच बंधक सौदे पर बातचीत होने की उम्मीद है. नीचे इस योजना की शाखाएँ, हमास की मांगें और विवादित बिंदु विस्तार से दिए गए हैं.
ट्रम्प की 20‑पॉइंट योजना: मुख्य बिंदु
यदि हमास इस प्रस्ताव को स्वीकार न करे, तो प्रस्ताव के उन हिस्सों को लागू किया जाएगा जो गाज़ा के उन क्षेत्रों पर लागू हो सकते हैं जो हमास नियंत्रण में नहीं हैं. यह प्रस्ताव इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू द्वारा समर्थित हो गया है, हालांकि नेतन्याहू ने कुछ शर्तें और सीमाएँ भी रखी हैं.
हमास की मांगें, विवादित आतंकियों की रिहाई
बहरहाल, ही सदी पर चर्चा है कि हमास इस अगले चरण की बातचीत में किन बंदियों की रिहाई की मांग करेगा. खबरों में जिन नामों का ज़िक्र किया जा रहा है, उनमें शामिल हैं:
मरवान बरघूती: फतह संगठन के प्रमुख सदस्य, जिसे इज़राइल ने कई आतंकी हमलों की साज़िश का दोषी ठहराया.
अहमद सादात: पॉपुलर फ्रंट फ़ॉर द लिबरेशन ऑफ़ फिलिस्तीन (PFLP) का नेता, जिसने इजराइली मंत्री रेहवाम ज़ेवी की हत्या की साजिश रची थी.
ये दो नाम अधिकतर रिपोर्टों में प्रमुखता से सामने आते हैं. अन्य नामों (जैसे इब्राहिम हामेद, अब्बास अल-सैयद, हसन सलामेह) के ज़िक्र मीडिया रिपोर्टों में हैं, लेकिन उनकी पुष्टि या आधिकारिक सूची में शामिल होना अभी विवादास्पद है. हमास ने यह कहा है कि वे “नुखबा फोर्स” से जुड़े आतंकियों की रिहाई की भी मांग कर सकते हैं, विशेष रूप से वे जिनका कथित संबंध 7 अक्टूबर 2023 के हमले से है.
इज़राइली अधिकारी ने संकेत दिए हैं कि कुछ कम सजा पाए बंदियों की रिहाई संभव हो सकती है, लेकिन 7 अक्टूबर हमले में शामिल आतंकियों को रिहा करना लगभग अस्वीकार्य माना जा रहा है.
सौदे की चुनौतियाँ और विवाद
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