वे पांच आतंकी, जिनके कारण घुटनों पर आया हमास; इज़राइल की जेल में हैं बंद

Hamas Israel War: अमेरिका ने इस्राइल-हमास युद्ध को समाप्त करने के प्रयास में एक 20‑पॉइंट की योजना प्रस्तुत की है, जिसमें बंधकों की रिहाई, संघर्षविराम, और गाजा की पुनर्स्थापना सम्मिलित हैं. 

The five terrorists who brought Hamas to its knees He is lodged in an Israeli jail
Image Source: Social Media/X

Hamas Israel War: अमेरिका ने इस्राइल-हमास युद्ध को समाप्त करने के प्रयास में एक 20‑पॉइंट की योजना प्रस्तुत की है, जिसमें बंधकों की रिहाई, संघर्षविराम, और गाजा की पुनर्स्थापना सम्मिलित हैं. 

इस योजना के पहले कदम के रूप में आज मिस्र (कैरो) में हमास और इज़राइल के बीच बंधक सौदे पर बातचीत होने की उम्मीद है. नीचे इस योजना की शाखाएँ, हमास की मांगें और विवादित बिंदु विस्तार से दिए गए हैं. 

ट्रम्प की 20‑पॉइंट योजना: मुख्य बिंदु

  • यदि दोनों पक्ष सहमत हों, तो युद्ध तुरंत बंद हो जाएगा और इज़राइल अपनी सेनाओं को पूर्व निर्धारित रेखा तक पीछे हटाएगा. 
  • इज़राइल द्वारा सार्वजनिक रूप से इस प्रस्ताव को स्वीकारने के 72 घंटे के भीतर सभी बंधकों (जिनमें जीवित और मृत शामिल हैं) रिहा किए जाएंगे. 
  • बंधकों की रिहाई के बाद, इज़राइल 250 आजीवन कारावासियों और 1,700 गाज़ा बंदियों को रिहा करेगा (2023 के 7 अक्टूबर के बाद गिरफ्तार किए गए) जिसमें महिलाओं और बच्चों को प्राथमिकता दी जाएगी. 
  • बंधकों के मुक्त होने पर, हमास के सदस्य जो हथियार छोड़ने और शांतिपूर्ण सह अस्तित्व स्वीकार करने को तैयार होंगे, उन्हें राहत और क्षमादान दिया जा सकता है. 
  • इस बीच, मानवीय सहायता, बुनियादी ढांचे की मरम्मत (पानी, बिजली, अस्पताल, सड़कों आदि), और गाज़ा की पुनर्बहाली प्राथमिकता होगी. 
  • गाज़ा का अस्थायी शासन राजनीतिक रूप से तटस्थ, तकनीकी समिति को सौंपा जाएगा, जिसमें हमास का कोई प्रत्यक्ष भाग नहीं होगा. 
  • गाज़ा को पुनरुत्थान और शहरी पुन:निर्माण के लिए विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) की व्यवस्था की जाएगी. 

यदि हमास इस प्रस्ताव को स्वीकार न करे, तो प्रस्ताव के उन हिस्सों को लागू किया जाएगा जो गाज़ा के उन क्षेत्रों पर लागू हो सकते हैं जो हमास नियंत्रण में नहीं हैं.  यह प्रस्ताव इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू द्वारा समर्थित हो गया है, हालांकि नेतन्याहू ने कुछ शर्तें और सीमाएँ भी रखी हैं. 

हमास की मांगें, विवादित आतंकियों की रिहाई

बहरहाल, ही सदी पर चर्चा है कि हमास इस अगले चरण की बातचीत में किन बंदियों की रिहाई की मांग करेगा. खबरों में जिन नामों का ज़िक्र किया जा रहा है, उनमें शामिल हैं:

मरवान बरघूती: फतह संगठन के प्रमुख सदस्य, जिसे इज़राइल ने कई आतंकी हमलों की साज़िश का दोषी ठहराया. 

अहमद सादात: पॉपुलर फ्रंट फ़ॉर द लिबरेशन ऑफ़ फिलिस्तीन (PFLP) का नेता, जिसने इजराइली मंत्री रेहवाम ज़ेवी की हत्या की साजिश रची थी. 

ये दो नाम अधिकतर रिपोर्टों में प्रमुखता से सामने आते हैं. अन्य नामों (जैसे इब्राहिम हामेद, अब्बास अल-सैयद, हसन सलामेह) के ज़िक्र मीडिया रिपोर्टों में हैं, लेकिन उनकी पुष्टि या आधिकारिक सूची में शामिल होना अभी विवादास्पद है. हमास ने यह कहा है कि वे “नुखबा फोर्स” से जुड़े आतंकियों की रिहाई की भी मांग कर सकते हैं, विशेष रूप से वे जिनका कथित संबंध 7 अक्टूबर 2023 के हमले से है. 

इज़राइली अधिकारी ने संकेत दिए हैं कि कुछ कम सजा पाए बंदियों की रिहाई संभव हो सकती है, लेकिन 7 अक्टूबर हमले में शामिल आतंकियों को रिहा करना लगभग अस्वीकार्य माना जा रहा है. 

सौदे की चुनौतियाँ और विवाद

  • डिसआर्मामेंट की समस्या: ट्रम्प की योजना में हमास से हथियार छोड़ने की मांग है, लेकिन यह बिंदु हमास ने स्पष्ट रूप से स्वीकार नहीं किया है. 
  • पूरी वापसी की मांग: हमास ने इस बात पर ज़ोर दिया है कि इज़राइली सेना को पूरी तरह से गाज़ा से हट जाना चाहिए, न कि आंशिक या क़दम-दर-क़दम वापसी. 
  • शासन नियंत्रण: हमास यह नहीं स्वीकार करना चाहता कि गाज़ा पर नियंत्रण अप्रत्याशित विदेशी या अप्रभावित समूहों को दिया जाए. उन्होंने कहा है कि वे बाहरी नियंत्रण को स्वीकार नहीं करेंगे. 
  • लॉजिस्टिक और निरीक्षण: बंधकों की रिहाई, सैनिकों की वापसी, और निष्पक्ष निगरानी को लागू करने में बहुत उत्पादक और जटिल कदम होंगे.

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