यूरोप में भीषण गर्मी का तांडव, फ्रांस में अब तक 55 लोगों की मौत, जर्मनी की सड़कें फटीं

Europe Heatwave: यूरोप इस समय रिकॉर्डतोड़ गर्मी का सामना कर रहा है. कई देशों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर पहुंच चुका है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है.

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Europe Heatwave: यूरोप इस समय रिकॉर्डतोड़ गर्मी का सामना कर रहा है. कई देशों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर पहुंच चुका है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. हालात इतने गंभीर हैं कि कहीं लोगों की जान जा रही है तो कहीं सड़कों की सतहें तेज गर्मी के कारण टूटने लगी हैं. प्रशासन को स्कूल बंद करने, बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम रद्द करने और लोगों को घरों में रहने की सलाह देने जैसी सख्त व्यवस्थाएं लागू करनी पड़ रही हैं. मौसम वैज्ञानिक इसे हाल के वर्षों की सबसे गंभीर हीटवेव में से एक मान रहे हैं.

फ्रांस में हीटवेव बनी जानलेवा

फ्रांस में भीषण गर्मी का असर सबसे ज्यादा देखने को मिला है. हीटवेव के कारण अब तक 55 लोगों की मौत हो चुकी है. मंगलवार और बुधवार को देश के कई हिस्सों में तापमान 39 से 43 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया, जिससे यह इस सीजन के सबसे गर्म दिनों में शामिल हो गया. लगातार बढ़ती गर्मी ने स्वास्थ्य सेवाओं पर भी दबाव बढ़ा दिया है.

जर्मनी में सड़कें फटीं, कई वाहन हुए क्षतिग्रस्त

तेज गर्मी का असर जर्मनी के बुनियादी ढांचे पर भी दिखाई दिया. अधिक तापमान के कारण ए2 मोटरवे की सड़क कई जगहों पर चटक गई. इस घटना में करीब 30 वाहनों को नुकसान पहुंचा, जबकि दो लोग मामूली रूप से घायल हो गए. सुरक्षा कारणों से हाईवे के प्रभावित हिस्से को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा.

कई देशों में टूटे जून के तापमान रिकॉर्ड

ब्रिटेन, स्पेन, ऑस्ट्रिया, नीदरलैंड, स्विट्जरलैंड और जर्मनी सहित कई यूरोपीय देशों में जून महीने के तापमान के पुराने रिकॉर्ड टूट गए. ब्रिटेन में तापमान 36.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो जून महीने के इतिहास में सबसे अधिक दर्ज तापमान में से एक माना जा रहा है.

रेड अलर्ट, स्कूल बंद और कार्यक्रम रद्द

गर्मी के बढ़ते खतरे को देखते हुए ब्रिटेन के मौसम विभाग ने लगातार तीसरे दिन हीट अलर्ट जारी रखा है, जो अपने आप में असामान्य स्थिति मानी जा रही है. वहीं नीदरलैंड में 40 डिग्री सेल्सियस तक तापमान पहुंचने की आशंका के चलते कई स्कूल बंद कर दिए गए हैं. सर्बिया में भी 'एंबर अलर्ट' जारी किया गया है और राजधानी बेलग्रेड में लोगों को दिन के सबसे गर्म समय में घर के भीतर रहने की सलाह दी गई है. उधर फ्रांस की राजधानी पेरिस में सालिडेज म्यूजिक फेस्टिवल समेत कई बड़े सांस्कृतिक आयोजनों को रद्द या स्थगित करना पड़ा है, ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.

एयर कंडीशनर और पंखों की बढ़ी मांग

गर्मी बढ़ने के साथ ही यूरोप में एयर कंडीशनर और पंखों की बिक्री में भी तेज उछाल देखा गया है. विशेष रूप से ब्रिटेन में पंखों की मांग अचानक बढ़ गई है, जबकि एशियाई कंपनियों ने यूरोपीय बाजार में एयर कंडीशनर की बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है. हालांकि इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी के अनुसार, यूरोप के केवल लगभग 20 प्रतिशत घरों में ही एयर कंडीशनिंग की सुविधा उपलब्ध है.

क्या है 'ओमेगा ब्लॉक', जिससे बढ़ रही गर्मी?

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस भीषण गर्मी के पीछे 'ओमेगा ब्लॉक' नामक विशेष मौसम प्रणाली जिम्मेदार है. इस स्थिति में उच्च दबाव वाला क्षेत्र लंबे समय तक एक ही स्थान पर बना रहता है, जिससे गर्म हवा एक इलाके में फंस जाती है और तापमान लगातार बढ़ता रहता है. वहीं इसके आसपास के क्षेत्रों में अपेक्षाकृत ठंडा मौसम बना रहता है.

जलवायु विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार की हीटवेव अध्ययन किए गए क्षेत्रों में अब तक की सबसे गंभीर घटनाओं में शामिल है. लगातार बढ़ते तापमान ने एक बार फिर जलवायु परिवर्तन और चरम मौसम की घटनाओं को लेकर वैश्विक चिंता को और गहरा कर दिया है.

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