EPFO Portal: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने करीब दो हफ्ते तक बंद रहने के बाद अपने पोर्टल को दोबारा शुरू कर दिया है. अब पीएफ खाताधारक अपने अकाउंट में लॉग इन करके पासबुक देख सकते हैं और बैलेंस की जानकारी भी हासिल कर सकते हैं.
ईपीएफओ ने पोर्टल को तकनीकी सुधार और कुछ सेवाओं में बदलाव के लिए बंद किया था. इस दौरान कई लोगों को लॉग इन करने और क्लेम से जुड़ी सेवाओं में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था.
अब पोर्टल शुरू होने के बाद अकाउंट स्टेटमेंट, बैलेंस और दूसरी जरूरी सेवाएं फिर से उपलब्ध हो गई हैं.
फिलहाल इस साल के ट्रांजेक्शन दिख रहे हैं
ईपीएफओ की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, अभी पीएफ पासबुक में सिर्फ इस साल हुए लेनदेन की जानकारी दिखाई दे रही है.
पुराने सालों के ट्रांजेक्शन की जानकारी फिलहाल उपलब्ध नहीं है. ईपीएफओ पुराने रिकॉर्ड को नए सिस्टम में ट्रांसफर करने का काम कर रहा है. यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद खाताधारक अपनी पूरी पासबुक हिस्ट्री देख सकेंगे.
ईपीएफओ ने बताया है कि इसके लिए खाताधारकों को अलग से कोई आवेदन या रिक्वेस्ट करने की जरूरत नहीं होगी.
15 जुलाई के बाद मिलेगा ब्याज का पैसा
ईपीएफओ ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 8.25 प्रतिशत ब्याज देने का फैसला किया है. संगठन के अनुसार, 15 जुलाई के बाद पीएफ खाताधारकों के खाते में ब्याज की रकम जमा होने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी.
खाताधारक अपने ईपीएफओ खाते में लॉग इन करके पासबुक में ब्याज की जानकारी देख सकेंगे.
ईपीएफओ करीब 8 करोड़ पीएफ खाताधारकों के खाते में ब्याज जमा करेगा.
जून के अंत से बंद था पोर्टल
ईपीएफओ ने जून के आखिरी दिनों में अपने पोर्टल को मेंटेनेंस और अपग्रेड के लिए बंद किया था.
पहले बताया गया था कि यह काम 28 जून तक पूरा हो जाएगा और 29 जून से सेवाएं शुरू हो जाएंगी, लेकिन तकनीकी काम ज्यादा समय लेने की वजह से पोर्टल करीब 11 दिन और बंद रहा.
UAN नंबर बनाने के नियम में बदलाव
ईपीएफओ ने एक और बड़ा बदलाव किया है. अब पीएफ खाताधारक यूनिफाइड मेंबर पोर्टल के जरिए अपना UAN नंबर एक्टिवेट नहीं कर पाएंगे.
अब UAN बनाने या एक्टिवेट करने के लिए उमंग ऐप का इस्तेमाल करना होगा. उमंग ऐप में आधार से जुड़ी फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक के जरिए UAN जनरेट किया जाएगा.
ईपीएफओ ने अपने नए पोर्टल पर इस बदलाव की जानकारी भी जारी की है.
जल्द दिखेगा पूरा पीएफ रिकॉर्ड
ईपीएफओ लगातार अपने सिस्टम को अपडेट कर रहा है. पुराने ट्रांजेक्शन की जानकारी भी जल्द ही पासबुक में दिखाई देने लगेगी.
पोर्टल दोबारा शुरू होने के बाद अब पीएफ खाताधारक अपने खाते की जानकारी आसानी से देख सकते हैं और आने वाले समय में सभी पुराने रिकॉर्ड भी उपलब्ध हो जाएंगे.
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