तेहरान/यरूशलम: मिडिल ईस्ट में ईरान और इज़रायल के बीच छिड़ी जंग अब केवल सीमाओं तक सीमित नहीं रही. इस लड़ाई ने अब ईरान के भीतर भी एक नई आग सुलगा दी है. ईरान के पूर्व शाही परिवार के वारिस रजा शाह पहलवी ने खामेनेई शासन के खिलाफ खुलेआम बगावत का बिगुल फूंक दिया है.
रजा शाह पहलवी ने दुनिया भर से खामेनेई सरकार को गिराने की अपील करते हुए कहा- "हमारा समय आ गया है."
ये लड़ाई ईरान के लोगों की नहीं है- रजा शाह
बीबीसी से बातचीत में रजा शाह पहलवी ने कहा, "ईरान की मौजूदा सत्ता अब बदलनी चाहिए. यह लड़ाई ईरान के आम नागरिकों की नहीं है, यह सिर्फ खामेनेई और उसके सत्ता तंत्र की लड़ाई है. इस जंग का जो भी नतीजा होगा, वह मौजूदा सरकार को कमजोर ही करेगा. मैं पिछले 40 सालों से इसी दिन का इंतजार कर रहा हूं – जब ईरान में लोकतंत्र लौटेगा."
अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट से साझा किए गए वीडियो संदेश में पहलवी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ईरान में सत्ता परिवर्तन का समर्थन करने की सीधी अपील भी की है.
निशाना ईरानी जनता नहीं, खामेनेई की सत्ता है
रजा शाह पहलवी ने इज़रायल के हमलों का समर्थन करते हुए कहा, "इज़रायल ईरान की जनता को निशाना नहीं बना रहा. इन हमलों का मकसद ईरान के शासन को कमजोर करना है. अगर इस जंग के जरिए मौजूदा शासन का पतन होता है, तो यह ईरानी जनता के लिए एक नई शुरुआत होगी."
As G7 leaders gather for #G7Kananaskis2025, here is my message for them: support the people of Iran.@realDonaldTrump@MarkJCarney@EmmanuelMacron@_FriedrichMerz@GiorgiaMeloni@shigeruishiba@Keir_Starmer pic.twitter.com/zlaXAzPnv0
— Reza Pahlavi (@PahlaviReza) June 16, 2025
उनका बयान उस वक्त आया है जब इज़रायली सेना लगातार ईरान की राजधानी तेहरान के पश्चिमी इलाकों पर हमले कर रही है. दोनों देशों के बीच तनाव तेजी से युद्ध के चरम पर पहुंच चुका है.
जंग के बीच खामेनेई को बड़ा झटका
क्या ईरान के भीतर फूट की शुरुआत है?
अब जब युद्ध की आग पूरे देश में फैल रही है, पेट्रोल की किल्लत और सुरक्षा संकट गहराता जा रहा है, तो रजा शाह पहलवी जैसे प्रभावशाली चेहरों का खुलकर सामने आना खामेनेई शासन के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है.
भारत और दुनिया पर असर
क्या रजा शाह पहलवी सत्ता में लौट सकते हैं?
रजा शाह पहलवी खुद सत्ता में लौटना चाहते हैं या नहीं, इस पर उन्होंने कोई सीधा जवाब नहीं दिया, लेकिन उन्होंने साफ किया कि "मुझे सिर्फ इतना चाहिए कि ईरान में जनता को अपनी सरकार खुद चुनने का अधिकार मिले. मैं लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए लड़ रहा हूं, न कि ताज के लिए."
हालांकि, इतिहास गवाह है कि जब जनता सत्ता से पूरी तरह टूट जाती है, तो पुराने चेहरों की वापसी भी हो सकती है.
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