Janmashtami 2026: विशेष पूजा, श्रृंगार और भोग की तैयारियां की गई हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जन्माष्टमी पर निशीथ काल यानी मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव मनाया जाता है. पूजा में बाल गोपाल का पंचामृत से अभिषेक, नए वस्त्र पहनाकर श्रृंगार, तुलसी दल और फूल अर्पित करने के बाद माखन-मिश्री, फल और मिठाई का भोग लगाया जाता है. इसके बाद आरती और कृष्ण मंत्रों का जाप किया जाता है. 2026 में जन्माष्टमी 4 सितंबर को मनाई जा रही है.
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