लखनऊ: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में बड़ा एक्शन लेते हुए 13.02 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को अटैच कर दिया है. ये संपत्तियां उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले के उतरौला क्षेत्र में स्थित हैं और नीतू नवीन रोहरा के नाम पर खरीदी गई थीं. यह कार्रवाई डायरेक्टरेट ऑफ एनफोर्समेंट की लखनऊ जोनल यूनिट ने की.
क्या है मामला? जानिए पूरा कनेक्शन
इस पूरे केस की जड़ें कथित धर्मगुरु छांगुर बाबा और उनके साथियों से जुड़ी हैं. ईडी की जांच की शुरुआत एटीएस लखनऊ की एफआईआर के आधार पर हुई, जिसमें बड़े पैमाने पर अवैध धर्मांतरण, विदेश से फंडिंग और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के आरोप थे.
छांगुर बाबा पर आरोप है कि उन्होंने बलरामपुर की चांद औलिया दरगाह से एक संगठित नेटवर्क तैयार किया, जहां विशेष तौर पर दलित और गरीब हिंदुओं को निशाना बनाकर जबरन धर्म परिवर्तन कराया जाता था. यहां देश-विदेश से लोग पहुंचते थे और कई बार बड़े स्तर के धार्मिक आयोजन होते थे.
दुबई से आया पैसा, भारत में खरीदी गई संपत्तियां
जांच में खुलासा हुआ कि छांगुर बाबा ने दुबई निवासी व्यवसायी नवीन रोहरा के साथ मिलकर साजिश रची थी. यूनाइटेड मरीन FZE नामक कंपनी के बैंक खातों का इस्तेमाल कर 21.08 करोड़ रुपये भारत भेजे गए. यह रकम एनआरई और एनआरओ खातों के ज़रिए भारत आई और फिर नीतू रोहरा के नाम से जमीनें और संपत्तियां खरीदी गईं.
गिरफ्तारी और आगे की जांच
इस केस में छांगुर बाबा को 28 जुलाई 2025 और नवीन रोहरा को 4 अगस्त 2025 को गिरफ्तार किया गया. दोनों फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं. ईडी का कहना है कि इस मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं.
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