Russia Ukraine War: यूक्रेन में जारी युद्ध को लेकर यूरोपीय देशों ने मंगलवार को एकजुट होकर जोर दिया कि लड़ाई तुरंत बंद होनी चाहिए. उन्होंने रूस पर कड़ा आर्थिक और रक्षा दबाव बनाने की बात कही ताकि शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके. यूरोपीय नेताओं ने कहा कि वार्ता के लिए मौजूदा संपर्क रेखा को ही आधार बनाया जाए.
यूरोपीय नेताओं ने स्पष्ट किया कि वे यूक्रेन के लोगों के लिए एक न्यायसंगत और स्थायी शांति चाहते हैं. उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के रुख का समर्थन किया, जिन्होंने कहा है कि लड़ाई तुरंत बंद होनी चाहिए और वार्ता का आधार संपर्क रेखा हो. उन्होंने बलपूर्वक सीमा परिवर्तन को अस्वीकार किया.
नेताओं ने रूस की युद्धविराम टालमटोल रणनीतियों की निंदा करते हुए कहा कि यह साफ़ हो चुका है कि यूक्रेन शांति के प्रति गंभीर है, जबकि रूस हिंसा को बढ़ावा दे रहा है. इसलिए उन्होंने कहा कि युद्धविराम के दौरान और बाद में यूक्रेन को मजबूत बनाए रखना आवश्यक है.
रूस की अर्थव्यवस्था पर प्रभावी दबाव
यूरोपीय देशों ने रूस की अर्थव्यवस्था और रक्षा उद्योग पर दबाव बढ़ाने की रणनीति बनाई है ताकि पुतिन को शांति की दिशा में मजबूर किया जा सके. रूस की जमी हुई संपत्तियों का उपयोग यूक्रेन के लिए संसाधन जुटाने में किया जाएगा.
इस सप्ताह के अंत में यूरोपीय परिषद और ‘कोआलिशन ऑफ द विलिंग’ की बैठकें होंगी, जिनमें यूक्रेन को और अधिक समर्थन देने के उपायों पर चर्चा की जाएगी. यह बैठक वैश्विक शांति प्रयासों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
बैठक में शामिल शीर्ष नेता
इस महत्वपूर्ण बैठक में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेन्स्की के साथ ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस, इटली, पोलैंड, यूरोपीय आयोग और परिषद के शीर्ष नेता मौजूद थे. उन्होंने एकजुट होकर यूक्रेन के समर्थन और रूस के खिलाफ कड़ी कार्रवाई पर सहमति जताई.
यूरोपीय नेताओं की यह पहल यूक्रेन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है. यह कदम शांति स्थापना के लिए एक मजबूत संदेश है और युद्ध विराम के लिए दबाव बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा.
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