Keshav Maharaj 7-Wicket Haul: साउथ अफ्रीका के अनुभवी स्पिन गेंदबाज केशव महाराज ने रावलपिंडी में पाकिस्तान के खिलाफ खेले जा रहे दूसरे और अंतिम टेस्ट मैच में कमाल का प्रदर्शन किया है. टीम में वापसी करते ही उन्होंने अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया और 42.4 ओवर की गेंदबाजी में 102 रन देकर 7 विकेट हासिल किए. इस प्रदर्शन के दम पर उन्होंने पाकिस्तान को 333 रनों पर समेट दिया. यह महाराज का टेस्ट करियर का 12वां पाँच विकेट हॉल है और तीसरी बार उन्होंने एक पारी में सात या उससे अधिक विकेट लिए हैं.
केशव महाराज की यह गेंदबाजी सिर्फ इस मैच तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि उन्होंने वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप (WTC) में भी नया इतिहास लिखा है. वह अब WTC में तीन बार सात या उससे अधिक विकेट लेने वाले इकलौते गेंदबाज बन गए हैं. इससे पहले यह उपलब्धि भारतीय स्पिनर आर अश्विन, न्यूजीलैंड के मैट हेनरी और पाकिस्तान के नोमान अली के नाम दर्ज थी, जिन्हें महाराज ने पीछे छोड़ दिया है. इसके साथ ही महाराज एशिया में 50 विकेट पूरे करने वाले तीसरे साउथ अफ्रीकी गेंदबाज और पहले स्पिनर भी बन गए हैं.
मैच के दूसरे दिन की स्थिति
पहले दिन पाकिस्तान ने 5 विकेट के नुकसान पर 259 रन बनाए थे, लेकिन दूसरे दिन महाराज की फिरकी के आगे मेजबान टीम बुरी तरह संघर्ष करती नजर आई. उन्होंने दूसरे दिन पांच पाकिस्तानी बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा, जिससे पाकिस्तान केवल 74 रन और जोड़ पाया और पूरी टीम 333 रन पर आउट हो गई. महाराज ने इस पारी में अपने दमदार प्रदर्शन से टीम को मजबूत स्थिति में ला दिया.
विदेशी पिचों पर महाराज की महारत
केशव महाराज ने एशिया की मुश्किल पिचों पर भी अपनी गेंदबाजी से अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है. वह ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर नाथन लियोन के बाद एशिया में एक से अधिक बार एक पारी में सात विकेट लेने वाले दूसरे गैर-एशियाई गेंदबाज हैं. यह साबित करता है कि महाराज ने घरेलू सीमाओं को पार कर विदेशी मैदानों पर भी अपनी पकड़ मजबूत कर ली है.
साउथ अफ्रीका के लिए बड़ी उपलब्धि
पाकिस्तान में महाराज का यह प्रदर्शन इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने पॉल एडम्स का 22 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है. एडम्स ने लाहौर में 7/128 का शानदार प्रदर्शन किया था, जिसे महाराज ने पीछे छोड़ते हुए पाकिस्तान में टेस्ट क्रिकेट में सबसे बेहतर गेंदबाजी आंकड़े दर्ज किए हैं. यह साउथ अफ्रीका के लिए गर्व की बात है और भविष्य के लिए संकेत भी देता है कि टीम की गेंदबाजी लाइनअप में महाराज एक मजबूत आधार हैं.
महाराज की वापसी और टीम पर असर
केशव महाराज की यह शानदार वापसी निश्चित रूप से साउथ अफ्रीकी टीम के लिए बहुत बड़ी मदद साबित हुई है. उनकी गेंदबाजी की सूझ-बूझ और संयम ने टीम को कई मुश्किल हालातों से बाहर निकाला है. विदेशी सरजमीं पर महाराज का यह काबिलियत भरा प्रदर्शन टीम की गेंदबाजी इकाई को मजबूती देता है और आगामी मैचों के लिए आशा जगाता है.
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