दुलारचंद हत्याकांड: मोकामा विधायक अनंत सिंह को पटना हाई कोर्ट से मिली जमानत, कब आएंगे जेल से बाहर?

बिहार के चर्चित दुलारचंद हत्याकांड में मोकामा विधायक अनंत कुमार सिंह को बड़ी राहत मिली है.

Dularchand murder case Mokama MLA Anant Singh gets bail
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पटना: बिहार के चर्चित दुलारचंद हत्याकांड में मोकामा विधायक अनंत कुमार सिंह को बड़ी राहत मिली है. पटना हाई कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी है, जिसके बाद वे जल्द ही जेल से बाहर आ सकते हैं. माना जा रहा है कि सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उनकी रिहाई आज या कल तक संभव है.

यह मामला बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान हुए दुलारचंद यादव हत्याकांड से जुड़ा है. दुलारचंद यादव जन सुराज पार्टी से जुड़े थे और उनकी हत्या ने राज्य की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया था.

इसी मामले में अनंत सिंह पर आरोप लगे, जिसके बाद उन्हें 2025 विधानसभा चुनाव से पहले गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था.

निचली अदालत से नहीं मिली थी राहत

इससे पहले पटना सिविल कोर्ट की MP-MLA कोर्ट ने अनंत सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी थी. अदालत ने आरोपों की गंभीरता को देखते हुए उन्हें राहत देने से इनकार किया था.

हालांकि अब हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद उनके समर्थकों में उत्साह है और राजनीतिक हलकों में इस फैसले की चर्चा तेज हो गई है.

राजनीति से संन्यास का ऐलान

जमानत मिलने से पहले अनंत सिंह ने 16 मार्च को एक बड़ा राजनीतिक फैसला लेते हुए सक्रिय चुनावी राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा की थी. उन्होंने कहा था कि अब उनके बेटों के आगे आने का समय है और वे खुद चुनाव नहीं लड़ेंगे.

राज्यसभा चुनाव के दौरान उन्हें वोट डालने की अनुमति मिली थी, जिसके तहत वे बेउर जेल से विधानसभा पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि आगे की राजनीतिक दिशा को लेकर फैसला नीतीश कुमार पर निर्भर करेगा.

परिवार की राजनीति में एंट्री की तैयारी

अनंत सिंह के दो जुड़वां बेटे- अंकित सिंह और अभिषेक सिंह अब राजनीति में सक्रिय हो सकते हैं. इससे पहले उनकी पत्नी नीलम देवी भी मोकामा से विधायक रह चुकी हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि परिवार की राजनीतिक विरासत आगे बढ़ाई जाएगी.

अनंत सिंह बिहार की राजनीति का बड़ा नाम रहे हैं और वे लगातार छह बार मोकामा सीट से विधायक चुने जा चुके हैं. उन्होंने पहली बार फरवरी 2005 में चुनाव जीता था और उसी साल अक्टूबर में दोबारा जीत हासिल की थी. इसके बाद भी उन्होंने अपनी पकड़ बनाए रखी.

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