संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने संबोधन में घरेलू मुद्दों से लेकर ईरान, गाजा और रूस-यूक्रेन युद्ध तक कई बड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी. न्यूयॉर्क में हुए इस संबोधन की शुरुआत ट्रंप ने अमेरिकी घरेलू उपलब्धियों पर जोर देते हुए की.
उन्होंने अर्थव्यवस्था, आप्रवासन और अपराध जैसे मुद्दों का जिक्र किया और कहा, “मैं गर्व से कह सकता हूं कि अमेरिका की वापसी हो चुकी है और हमारा देश आज पहले से कहीं ज्यादा मजबूत है.” ट्रंप ने आगे कहा, “हमारी टेक्नोलॉजी सबसे अच्छी है और हम लगभग हर क्षेत्र में आगे हैं.” 81वें सत्र की General Debate 22 सितंबर से शुरू हुई है.
अमेरिकी अर्थव्यवस्था और घरेलू मुद्दों पर ट्रंप का फोकस
ट्रंप ने अपने भाषण में अमेरिकी शेयर बाजार के प्रदर्शन, 2025 तक अमेरिका में गरीबी दर में कमी लाने, दक्षिणी सीमा पर अवैध रूप से घुसने वालों को रोकने की कोशिशों और अमेरिकी शहरों में हिंसक अपराधों की दर में गिरावट का जिक्र किया. उन्होंने अपने प्रशासन की उपलब्धियों को अमेरिका की मजबूती से जोड़ते हुए कहा कि देश कई क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है. उनके भाषण में विदेश नीति के साथ-साथ घरेलू मुद्दों को भी प्रमुख जगह मिली.
परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे - ट्रंप
ट्रंप ने संबोधन के दौरान एक बार फिर ईरान पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि अरब में अशांति के लिए ईरान जिम्मेदार है और अमेरिका ने पहले ईरान से बातचीत करने की कोशिश की थी. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान को कभी भी परमाणु हथियार नहीं बनाने देगा.
उन्होंने दावा किया कि ईरान में अब तक 10 हजार प्रदर्शनकारियों की हत्या की जा चुकी है और अमेरिका ने ईरान के 159 विमानों को नष्ट कर दिया है. ट्रंप ने कहा कि ईरान के सामने अब “नरक में जाने या डील करने” का विकल्प है और उन्होंने सभी देशों से ईरान का बहिष्कार करने का अनुरोध भी किया. ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत की संभावनाओं को लेकर इस समय कूटनीतिक गतिविधियां भी चल रही हैं.
गाजा के पुनर्निर्माण में अरब देश भी होंगे शामिल
गाजा को लेकर भी ट्रंप ने बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि गाजा पीस बोर्ड में 30 से ज्यादा देश शामिल हैं और गाजा के पुनर्निर्माण में अरब के देश भी शामिल हैं. वहीं मिड टर्म चुनाव का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान मामले का इस पर कोई असर नहीं होगा, हालांकि इसके बाद ईरान के साथ डील की जा सकती है. गाजा और पश्चिम एशिया की स्थिति इस समय UNGA में चर्चा के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मुद्दों में शामिल है.
यूरोप पर ईरान के हमले का ट्रंप ने किया दावा
अपने संबोधन के दौरान ट्रंप ने दावा किया कि ईरान यूरोप पर हमला करने वाला था. उन्होंने कहा कि उन्होंने यूरोप को ईरानी हमले से बचाया. ट्रंप के मुताबिक, अगर ईरान ऐसा करता तो भारी नुकसान होता, लेकिन उन्होंने समय रहते ईरान पर ताकत के साथ हमला किया और उसे बर्बाद कर दिया. ईरान के साथ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और उसके बाद क्षेत्रीय तनाव ट्रंप के भाषण के प्रमुख विषयों में रहा.
रूस-यूक्रेन युद्ध पर क्या बोले ट्रंप?
UNGA में ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्ध का भी जिक्र किया. उन्होंने दावा किया कि इस जंग में हर रोज करीब 25 हजार लोग मारे जा रहे हैं. ट्रंप ने कहा कि उन्होंने इस युद्ध को रोकने के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात की है और उनसे जल्द जंग खत्म करने को कहा है. उन्होंने कहा कि यूक्रेन के राष्ट्रपति से भी उनकी बातचीत चल रही है और जल्द ही यह जंग खत्म हो जाएगी. हालांकि, युद्ध में रोजाना 25 हजार मौतों का आंकड़ा ट्रंप का दावा है, जिसे स्वतंत्र रूप से सत्यापित आंकड़े के तौर पर पेश नहीं किया जाना चाहिए. रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष अभी भी जारी है.
टैरिफ के इस्तेमाल से 8 युद्ध खत्म कराने का दावा
ट्रंप ने एक बार फिर अपने पुराने बयान को दोहराते हुए कहा कि आठ युद्धों को सुलझाना और उन देशों के नेताओं के साथ दोस्ती करना उनके लिए सम्मान की बात रही है. उन्होंने कहा कि इनमें से कई युद्ध सालों और दशकों तक चले थे और वह अपने रिश्तों, व्यापार, टैरिफ के इस्तेमाल और टैरिफ की धमकी जैसे तरीकों के जरिए इन समझौतों को कराने में सफल रहे. ट्रंप ने पाकिस्तान और भारत, आर्मेनिया और अजरबैजान का उदाहरण देते हुए कहा कि लगभग हर देश ने उन्हें धन्यवाद का पत्र लिखा.
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने उन्हें बताया कि डोनाल्ड ट्रंप ने 3 करोड़ लोगों की जान बचाई और शायद उससे भी कहीं ज्यादा लोगों की. ट्रंप ने यह भी कहा कि उनके पास टैरिफ लगाने की असीम शक्तियां हैं और जरूरत पड़ने पर इसका इस्तेमाल किया जाएगा. इस बीच UNGA में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर कर रहे हैं और वह 26 सितंबर 2026 को महासभा को संबोधित करेंगे.
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