वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान के साथ चल रही बातचीत को लेकर कड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि यदि इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली वार्ता सफल नहीं होती, तो अमेरिका पूरी तरह से हमले के लिए तैयार है. ट्रंप ने यह भी बताया कि युद्धपोतों में सबसे आधुनिक और ताकतवर हथियारों को तैनात किया जा रहा है, ताकि जब जरूरत पड़े, ईरान पर हवाई हमले किए जा सकें.
"बातचीत का परिणाम अगले 24 घंटे में साफ होगा"
न्यूयॉर्क पोस्ट को फोन पर दिए गए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि अगले 24 घंटों में यह साफ हो जाएगा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत सफल होगी या नहीं. उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका पहले भी ईरान पर हमले कर चुका है, लेकिन इस बार अमेरिकी सेना ने उससे भी ज्यादा शक्तिशाली हथियार तैयार किए हैं, जिन्हें जरूरत पड़ने पर प्रभावी तरीके से इस्तेमाल किया जाएगा.
"ईरान पर भरोसा नहीं कर सकते"
ट्रंप ने कहा कि ईरान हमेशा एक ही वक्त में दो बातें करता है. वह एक ओर तो परमाणु हथियारों को खत्म करने की बात करता है, वहीं दूसरी ओर यूरेनियम संवर्धन को जारी रखने का भी दावा करता है. ट्रंप के अनुसार, ईरान पर भरोसा करना बिल्कुल भी सही नहीं होगा, क्योंकि उनके बयान में कभी एकता नहीं दिखती.
US President Donald Trump posts on Truth Social, "The Iranians don’t seem to realize they have no cards, other than a short term extortion of the World by using International Waterways. The only reason they are alive today is to negotiate! President DONALD J. TRUMP" pic.twitter.com/roqZUA0oH7
— ANI (@ANI) April 10, 2026
ईरानी नेता शांति वार्ता के लिए ही जीवित: ट्रंप
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म "ट्रूथ सोशल" पर भी ईरान को लेकर बयान जारी किया. उन्होंने कहा कि ईरान के पास बातचीत के अलावा कोई मजबूत विकल्प नहीं है. ट्रंप का कहना था कि ईरान केवल अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों का इस्तेमाल कर थोड़े समय के लिए दबाव बनाने की कोशिश कर सकता है, लेकिन असल में उसके पास कोई ठोस विकल्प नहीं है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ईरान लड़ाई से ज्यादा फेक न्यूज और मीडिया पब्लिक रिलेशन को संभालने में माहिर है.
शांति वार्ता पर सस्पेंस
अमेरिका और ईरान के बीच 11 अप्रैल को इस्लामाबाद में शांति वार्ता होनी है, लेकिन इस वार्ता के सफल होने को लेकर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है. ईरान ने इस वार्ता से पहले दो शर्तें रखी हैं. पहली शर्त है कि लेबनान में युद्धविराम लागू किया जाए, और दूसरी शर्त है कि अमेरिका द्वारा फ्रीज की गई ईरानी संपत्तियों को रिलीज किया जाए. इस बीच, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस्लामाबाद के लिए रवाना हो चुके हैं, लेकिन ईरानी डेलिगेशन अभी तक वहां नहीं पहुंचा है.
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