US-Iran War: ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक नया बयान चर्चा का विषय बन गया है. ट्रंप ने एक पोस्ट में ईरान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का संकेत देते हुए दावा किया कि अमेरिका आज रात ईरान पर जबरदस्त हमला करेगा. उन्होंने कहा कि ईरान की नेवी, एयर फोर्स, रडार, एंटी-एयरक्राफ्ट और दूसरे सभी तरह के डिफेंस सिस्टम साथ ही उसकी ज्यादातर हमला करने की क्षमता भी खत्म हो चुकी है. ट्रंप ने यह भी कहा कि आने वाले समय में अमेरिका खर्ग आइलैंड और तेल से जुड़े दूसरे इंफ्रास्ट्रक्चर पर कब्जा कर लेगा.
तेल और गैस बाजार पर नियंत्रण की बात
अपनी पोस्ट में ट्रंप ने आगे लिखा कि अमेरिका ईरान के तेल और गैस मार्केट पर पूरी तरह कंट्रोल कर लेगा. उन्होंने इसकी तुलना वेनेजुएला से करते हुए कहा कि ठीक वैसे ही जैसे अमेरिका ने वेनेजुएला के मामले में किया था. ट्रंप के अनुसार यह कदम अमेरिका और वेनेजुएला दोनों के लिए फायदेमंद साबित हुआ है. उनके इस बयान ने वैश्विक ऊर्जा बाजार और पश्चिम एशिया की राजनीति को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है.
तख्तापलट की योजना को लेकर बड़ा दावा
फॉक्स एंड फ्रेंड्स को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने ईरान की सरकार को गिराने की कथित योजना को लेकर भी बड़ा दावा किया. उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान के लोगों तक हथियार पहुंचाने की कोशिश की थी, लेकिन क्षेत्रीय सहयोगियों ने उम्मीदों पर खरा प्रदर्शन नहीं किया. ट्रंप के मुताबिक अमेरिका ने ईरान के क्षेत्रीय विरोधी कुर्द समूहों को हथियार दिए थे, लेकिन उन्हें लगता है कि इन हथियारों को आगे पहुंचाने के बजाय अपने पास ही रखा गया. उन्होंने कहा कि कुर्दों ने अमेरिका को निराश किया और वह इस बात को याद रखेंगे.
खर्ग द्वीप पर नजर और सैन्य कार्रवाई के संकेत
ट्रंप ने यह भी कहा कि शांति वार्ता फिलहाल रुकी हुई दिखाई दे रही है और इसी वजह से गुरुवार को भी ईरान के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई जारी रह सकती है. उन्होंने दोहराया कि अमेरिका आज रात ईरान पर जबरदस्त हमला करेगा और भविष्य में किसी भी समय खर्ग द्वीप तथा तेल से जुड़े अन्य अहम बुनियादी ढांचों पर कब्जा कर सकता है. उल्लेखनीय है कि अमेरिका पहले भी खर्ग द्वीप के आसपास सैन्य कार्रवाई और हवाई हमले कर चुका है, लेकिन अब तक वहां कब्जे को लेकर कोई कदम नहीं उठाया गया था.
धमकियों के बीच शांति समझौते की भी चर्चा
दिलचस्प बात यह है कि एक तरफ ट्रंप ईरान को कड़ी चेतावनी दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उन्होंने शांति समझौते की संभावना भी जताई है. ट्रंप ने कहा कि यदि ईरान के साथ कोई समझौता संभव होता है तो वह स्विट्जरलैंड में शांति समझौते पर हस्ताक्षर करना चाहेंगे. वहीं अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने दावा किया है कि ईरान के राजनीतिक नेतृत्व और ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) दोनों के साथ बातचीत जारी है. हालांकि उनका कहना है कि IRGC अधिक कट्टर रुख अपनाए हुए है और उसने कई बार बातचीत की प्रक्रिया में बाधाएं पैदा की हैं.
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