अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित युद्ध को रोकने का श्रेय खुद को देते नजर आए हैं. इस बार उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के एक हालिया बयान का हवाला देते हुए दावा किया कि यदि उस समय उनका हस्तक्षेप न होता, तो परमाणु युद्ध तक की नौबत आ सकती थी.
ट्रंप का यह बयान उस वक्त आया जब वह व्हाइट हाउस में एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने साफ कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने “बहुत खूबसूरती से” स्वीकार किया है कि उन्होंने (ट्रंप) लाखों लोगों की जान बचाई.”
“भारत-पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध के बेहद करीब थे”
अपने दावे को दोहराते हुए ट्रंप ने कहा, “पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति ने लाखों लोगों की जान बचाई, क्योंकि भारत और पाकिस्तान के बीच का तनाव इतने खतरनाक स्तर पर पहुंच गया था कि वह परमाणु युद्ध की दहलीज पर खड़े थे. चार दिनों तक सैन्य टकराव चला और सात विमान गिराए गए.” उन्होंने यह भी जोड़ा कि ऐसी स्थिति में यदि उन्होंने दोनों देशों के नेताओं से बातचीत नहीं की होती, तो हालात बेहद भयानक हो सकते थे.
राजदूत की मौजूदगी में भारत पर टिप्पणी
इस बातचीत के दौरान ट्रंप ने भारत के लिए नामित अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की ओर इशारा करते हुए भी हल्के-फुल्के अंदाज में टिप्पणी की. उन्होंने कहा, “भारत में हमारे नए राजदूत यहां मौजूद हैं. मुझे उम्मीद है कि वे हमारे प्रतिनिधि बनकर बेहतर काम करेंगे… न कि भारत के.” इसके बाद उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि “सर्जियो अच्छा काम करेंगे.”
शहबाज शरीफ ने भी की थी ट्रंप की तारीफ
हाल ही में मिस्र के शर्म अल शेख में आयोजित एक शांति सम्मेलन के दौरान शहबाज शरीफ ने ट्रंप की सार्वजनिक रूप से तारीफ करते हुए कहा था कि “ट्रंप ने उस वक्त लाखों जिंदगियों को बचाया, जब भारत और पाकिस्तान युद्ध के मुहाने पर थे.” उन्होंने यहां तक कहा कि वे एक बार फिर ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित करना चाहेंगे.
भारत ने इन दावों को पहले ही नकारा है
हालांकि भारत सरकार इन दावों को कई बार सिरे से खारिज कर चुकी है. खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद में स्पष्ट कर चुके हैं कि ऑपरेशन सिंदूर या किसी अन्य सैन्य अभियान को रोकने में किसी विदेशी नेता की कोई भूमिका नहीं थी.
“मोदी ट्रंप से प्यार करते हैं”
इसी दौरान जब एक पत्रकार ने उनसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में सवाल किया, तो ट्रंप ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, “मोदी एक महान व्यक्ति हैं. मोदी ट्रंप से प्यार करते हैं.” फिर मजाकिया लहजे में जोड़ा, “मैं नहीं चाहता कि यह ‘प्यार’ शब्द उनके राजनीतिक करियर को नुकसान पहुंचाए.”
क्या ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार मिलेगा?
डोनाल्ड ट्रंप अक्सर खुद को एक ऐसा नेता बताते हैं, जो युद्धों को खत्म करने की कोशिश करता है, न कि उन्हें भड़काता है. उन्होंने अफगानिस्तान से लेकर मध्य पूर्व तक कई उदाहरण गिनाए हैं. अब जबकि उन्होंने भारत-पाकिस्तान को लेकर फिर से बड़ा दावा किया है, यह देखना दिलचस्प होगा कि नोबेल कमेटी उनके इन प्रयासों को कब तक ‘मान्यता’ देती है.
यह भी पढ़ें: '200 फीसदी टैरिफ लगा दूंगा...', ट्रंप ने ऐसे रुकवाया भारत-पाकिस्तान का युद्ध