बसंत पंचमी पर घर जरूर लाएं ये पांच चीजें, ज्ञान की देवी सरस्वती के साथ माता लक्ष्मी की बरसेगी कृपा

Basant Panchami 2026: हर वर्ष माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है. यह दिन विद्या, ज्ञान, बुद्धि और वाणी की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती को समर्पित होता है.

Dharm five things home on Basant Panchami Goddess Lakshmi will shower blessings along with Saraswati
प्रतिकात्मक तस्वीर/ FreePik

Basant Panchami 2026: हर वर्ष माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है. यह दिन विद्या, ज्ञान, बुद्धि और वाणी की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती को समर्पित होता है. हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी शुभ तिथि पर मां सरस्वती का प्राकट्य हुआ था. यही कारण है कि इस दिन सरस्वती पूजा का विशेष महत्व माना जाता है.

बसंत पंचमी को केवल एक पर्व नहीं, बल्कि वर्ष के प्रमुख अबूझ मुहूर्तों में से एक माना जाता है. अबूझ मुहूर्त का अर्थ होता है ऐसा समय, जिसमें किसी भी शुभ कार्य के लिए अलग से मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं होती. विवाह, शिक्षा आरंभ, गृह प्रवेश, व्यापार की शुरुआत जैसे कार्य इस दिन बिना किसी दोष के किए जा सकते हैं.

बसंत पंचमी 2026 की तिथि और समय

हिंदू पंचांग के अनुसार वर्ष 2026 में माघ शुक्ल पंचमी तिथि की शुरुआत 22 जनवरी को शाम 6 बजकर 15 मिनट से हो रही है. वहीं इस तिथि का समापन 23 जनवरी की रात 8 बजकर 30 मिनट पर होगा. चूंकि 23 जनवरी को सूर्योदय के समय पंचमी तिथि विद्यमान रहेगी, इसलिए बसंत पंचमी और सरस्वती पूजा का पर्व 23 जनवरी 2026 को मनाया जाएगा.

बसंत पंचमी पर घर लाने से बढ़ती है शुभता

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बसंत पंचमी के दिन कुछ विशेष वस्तुओं को घर लाना अत्यंत शुभ फलदायी माना गया है. इन वस्तुओं को लाने से घर में सुख-समृद्धि, विद्या, धन और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है.

पीली कौड़ियां लाने की परंपरा

बसंत पंचमी के दिन पांच पीली कौड़ियां घर लाना विशेष रूप से शुभ माना जाता है. इन्हें माता लक्ष्मी के चरणों में अर्पित कर धन, वैभव और संपन्नता की कामना करनी चाहिए. पूजा के बाद इन कौड़ियों को तिजोरी में सुरक्षित रख देना चाहिए. मान्यता है कि ऐसा करने से घर में धन का प्रवाह बना रहता है और आर्थिक समस्याएं दूर होती हैं.

विवाह से जुड़ी वस्तुओं की खरीद

यदि घर में सगाई या विवाह होने वाला हो तो बसंत पंचमी के दिन उससे जुड़ी वस्तुओं की खरीदारी करना अत्यंत शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन खरीदी गई वस्तुएं दांपत्य जीवन में मधुरता और स्थायित्व लाती हैं और वैवाहिक जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं.

पीले फूलों का विशेष महत्व

बसंत पंचमी पर पीले रंग का विशेष धार्मिक महत्व है. यह रंग बसंत ऋतु और मां सरस्वती दोनों को प्रिय माना जाता है. इस दिन पीले फूल या पीले रंग की माला देवी सरस्वती को अर्पित करनी चाहिए. ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और पढ़ाई-लिखाई करने वाले बच्चों की एकाग्रता और स्मरण शक्ति बढ़ती है.

मोरपंखी का पौधा क्यों है शुभ

वास्तु शास्त्र के अनुसार मोरपंखी का पौधा अत्यंत शुभ माना गया है. बसंत पंचमी के दिन इसे जोड़े में घर लाना चाहिए. इसे ड्रॉइंग रूम या मुख्य द्वार के पास रखा जा सकता है. मान्यता है कि मोरपंखी का पौधा घर में लाने से बच्चों की पढ़ाई में मन लगता है और घर का वातावरण सकारात्मक बना रहता है.

मां सरस्वती की मूर्ति स्थापना

बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की मूर्ति घर लाना और विधिवत पूजा करना अत्यंत फलदायी माना गया है. वास्तु शास्त्र के अनुसार, मां सरस्वती की मूर्ति को ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) में स्थापित करना चाहिए. इससे घर में विद्या, विवेक और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है.

विद्या और शुभता का प्रतीक है बसंत पंचमी

बसंत पंचमी न केवल ज्ञान और शिक्षा का पर्व है, बल्कि यह जीवन में नई शुरुआत, सकारात्मकता और शुभ कार्यों के लिए श्रेष्ठ अवसर भी प्रदान करता है. इस दिन श्रद्धा और नियमों के साथ किए गए उपाय जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता का मार्ग प्रशस्त करते हैं.

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