Jharkhand Protest: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है. JPSC और JSSC-CGL समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने चार दिन बाद पहली बार पानी पिया. हालांकि उन्होंने अपना अनशन समाप्त नहीं किया है. सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की वीडियो कॉल पर हुई बातचीत और स्वास्थ्य को लेकर दी गई सलाह के बाद महतो ने नमक मिला पानी ग्रहण किया, लेकिन स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन अपनी मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा.
#WATCH | Ranchi, Jharkhand: Activist Sonam Wangchuk interacts with the Student leader Devendra Nath Mahato and asks about his health, who is sitting on an indefinite hunger strike at Jaipal Singh Munda Stadium in protest over alleged irregularities in the JPSC, JSSC CGL, and… pic.twitter.com/sDosFybsAW
— ANI (@ANI) August 5, 2026
चार दिन बाद पानी पिया
देवेंद्र नाथ महतो पिछले चार दिनों से भूख हड़ताल पर थे और इस दौरान उन्होंने अन्न के साथ पानी भी नहीं पिया था. लगातार बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति के बीच बुधवार को उन्होंने पहली बार नमक मिला हुआ पानी ग्रहण किया. महतो ने साफ किया कि यह केवल स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उठाया गया कदम है. उन्होंने अपना अनशन समाप्त नहीं किया है और आंदोलन पहले की तरह जारी रहेगा.
सोनम वांगचुक ने वीडियो कॉल पर की अपील
बुधवार को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने वीडियो कॉल के जरिए देवेंद्र नाथ महतो से बातचीत की. इस दौरान उन्होंने महतो से आंदोलन जारी रखने के साथ-साथ अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान रखने की सलाह दी. वांगचूक ने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक आंदोलन का उद्देश्य बदलाव लाना होता है, न कि खुद को नुकसान पहुंचाना. उन्होंने कहा, "आंदोलन करना है, आत्महत्या नहीं करनी है." उन्होंने महतो से पानी पीने का आग्रह किया और भरोसा जताया कि शांतिपूर्ण संघर्ष का असर जरूर होगा.
शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रखने की दी सलाह
बातचीत के दौरान सोनम वांगचुक ने कहा कि यह लड़ाई लंबी हो सकती है, इसलिए आंदोलनकारियों का स्वस्थ रहना बेहद जरूरी है. उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से किया गया संघर्ष अंततः सरकार को निर्णय लेने के लिए मजबूर करता है. वांगचुक ने झारखंड में चल रहे छात्र आंदोलन के प्रति अपना समर्थन भी जताया और आंदोलनकारियों से संयम बनाए रखने की अपील की.
डॉक्टर की चेतावनी के बाद लिया फैसला
देवेंद्र नाथ महतो ने बताया कि पिछले तीन दिनों से उन्होंने पानी तक नहीं पिया था, जिससे उनकी तबीयत लगातार बिगड़ रही थी. डॉक्टरों ने भी उन्हें चेतावनी दी थी कि यदि उन्होंने पानी नहीं पिया तो अस्पताल में भर्ती करना पड़ सकता है. महतो के अनुसार, सोनम वांगचुक ने वीडियो कॉल पर विशेष रूप से उनसे पानी पीने का आग्रह किया. इसी सलाह को मानते हुए उन्होंने नमक मिला पानी ग्रहण किया ताकि स्वास्थ्य और आंदोलन दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ा जा सके.
JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ आंदोलन
देवेंद्र नाथ महतो जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में JPSC, JSSC-CGL और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के विरोध में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं. उन्होंने कहा कि 25 जुलाई से सत्याग्रह चल रहा है और 2 अगस्त से उन्होंने आमरण अनशन शुरू किया. उनका आरोप है कि झारखंड में वर्षों से भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाएं सामने आती रही हैं, जिससे लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है.
मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग पर कायम
महतो ने दोहराया कि उनका आंदोलन केवल परीक्षा प्रणाली में सुधार तक सीमित नहीं है, बल्कि वे पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग भी दोहराई. हालांकि स्वास्थ्य कारणों से उन्होंने पानी पी लिया है, लेकिन उनका कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका अनिश्चितकालीन अनशन और छात्र आंदोलन जारी रहेगा.
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