Delhi Weather Update: दिल्ली की फिज़ाओं में फैला ज़हर अब कम होने का नाम नहीं ले रहा. राजधानी की हवा एक बार फिर सांस लेना मुश्किल बना चुकी है. मंगलवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 428 दर्ज किया गया, जो "गंभीर श्रेणी" में आता है. यह हालात दिसंबर 2024 के बाद सबसे खराब हैं. शहर के कई इलाकों में धुंध और स्मॉग की परत साफ देखी जा सकती है. इस जहरीली हवा ने एक बार फिर दिल्लीवालों को प्रदूषण के दंश का एहसास करा दिया है.
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बुधवार के लिए अनुमान लगाया है कि सुबह हल्का कोहरा छाया रहेगा. राजधानी में अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है. तापमान में गिरावट जारी है और मंगलवार को न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.1 डिग्री कम था. वहीं, अधिकतम तापमान 27.7 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से लगभग 1.8 डिग्री कम था.
ग्रैप-3 लागू, स्कूलों में हाइब्रिड मोड
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए ग्रैप-3 (GRAP-3) लागू कर दिया है. बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार ने 5वीं कक्षा तक के स्कूलों में हाइब्रिड मोड (ऑनलाइन और ऑफलाइन) लागू करने का फैसला किया है. मुख्यमंत्री ने उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में प्रदूषण नियंत्रण के लिए सख्त निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि प्रदूषण मानदंडों का उल्लंघन करने वाले निर्माण स्थलों पर तत्काल कार्रवाई की जाए. इसके साथ ही 30 नवंबर तक 300 मिस्ट-स्प्रे लगाने और बायोमास जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध का आदेश दिया गया है.
‘मिशन मोड’ में प्रदूषण से निपट रही सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार प्रदूषण संकट को गंभीरता और जवाबदेही के साथ ‘मिशन मोड’ में संभाल रही है. दूसरी ओर, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) के अनुसार, मंगलवार को दिल्ली के प्रदूषण में पराली जलाने का योगदान 6.5% था, जबकि परिवहन क्षेत्र का योगदान 18.2% तक पहुंच गया. बुधवार को यह आंकड़ा थोड़ा बदल सकता है. अनुमान है कि पराली का योगदान 5.3% रहेगा, जबकि वाहनों से उत्सर्जन 18.9% तक बढ़ सकता है.
पराली जलाने और परिवहन से बढ़ी मुश्किलें
पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में पराली जलाने के मामलों में फिर इजाफा हुआ है. सोमवार को पंजाब में 133, हरियाणा में 30, उत्तर प्रदेश में 154 और दिल्ली में एक पराली जलाने की घटना दर्ज की गई. विशेषज्ञों का कहना है कि इन आगजनी की घटनाओं का असर सीधे दिल्ली के वायु गुणवत्ता सूचकांक पर पड़ता है.
'बहुत खराब' श्रेणी में बनी रहेगी हवा
वायु विशेषज्ञों के अनुसार, दिल्ली की हवा अगले कुछ दिनों तक “बहुत खराब” श्रेणी में बनी रह सकती है. हवा की गति धीमी होने और तापमान में गिरावट के चलते प्रदूषक तत्व वातावरण में जम जाते हैं, जिससे हालात और बिगड़ जाते हैं.
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चेतावनी
दिल्ली की बिगड़ती वायु गुणवत्ता ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है. विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदूषण सिर्फ सांस की बीमारियों का कारण नहीं, बल्कि हृदय रोग, आंखों में जलन और मानसिक तनाव जैसी समस्याओं को भी जन्म देता है. दिल्ली जैसे घनी आबादी वाले शहर में वाहनों की बढ़ती संख्या और निर्माण स्थलों की धूल इस संकट को और गंभीर बना रही है.
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