जेवर एयरपोर्ट बनेगा बुलेट ट्रेन हब, नोएडा में बनेंगे दो स्टेशन, दिल्ली-वाराणसी कॉरिडोर ने पकड़ी रफ्तार!

देश में हाईस्पीड रेल नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में एक अहम पहल की गई है. दिल्ली से वाराणसी के बीच प्रस्तावित बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का काम शुरू हो गया है.

Delhi Varanasi Bullet Train Dpr Jewar airport will become hub in Noida
प्रतिकात्मक तस्वीर/ AI

ग्रेटर नोएडा: देश में हाईस्पीड रेल नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में एक अहम पहल की गई है. दिल्ली से वाराणसी के बीच प्रस्तावित बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का काम शुरू हो गया है. करीब 800 किलोमीटर लंबे इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट पर नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड तेजी से काम कर रहा है. इसके तहत विभिन्न जिलों के प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय बढ़ाया जा रहा है, ताकि परियोजना को बिना बाधा आगे बढ़ाया जा सके.

800 किमी लंबे कॉरिडोर से जुड़ेंगे बड़े शहर

दिल्ली से वाराणसी तक प्रस्तावित यह हाईस्पीड रेल कॉरिडोर उत्तर भारत के कई प्रमुख शहरों को जोड़ेगा. इनमें दिल्ली, नोएडा, मथुरा, आगरा, इटावा, लखनऊ, रायबरेली, प्रयागराज और वाराणसी जैसे शहर शामिल हैं.

इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य बड़े आर्थिक और सांस्कृतिक केंद्रों के बीच तेज और आधुनिक कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है, जिससे यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा.

नोएडा और जेवर में बनेंगे दो बड़े स्टेशन

गौतमबुद्ध नगर जिले को इस परियोजना से खास लाभ मिलने वाला है. यहां दो प्रमुख स्टेशन प्रस्तावित किए गए हैं—

  • नोएडा सेक्टर-148
  • नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर)

खास बात यह है कि जेवर एयरपोर्ट पर बनने वाला स्टेशन अंडरग्राउंड होगा, जिससे एयरपोर्ट और बुलेट ट्रेन के बीच सहज कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जा सके. इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट तक करीब 62.5 किलोमीटर की दूरी महज 21 मिनट में तय की जा सकेगी.

अलाइनमेंट और DPR पर तेज समन्वय

कॉरिडोर के रूट और अलाइनमेंट को अंतिम रूप देने से पहले NHSRCL की टीम अलग-अलग विभागों और स्थानीय एजेंसियों के साथ लगातार बैठकें कर रही है. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बिजली, पानी, सीवर और गैस पाइपलाइन जैसी मौजूदा सुविधाओं पर कोई असर न पड़े.

यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में मौजूद गंगाजल पाइपलाइन और अन्य महत्वपूर्ण संरचनाओं का भी डेटा इकट्ठा किया जा रहा है, ताकि भविष्य में निर्माण कार्य के दौरान किसी तरह की तकनीकी समस्या सामने न आए.

आगरा में होगी बड़ी बैठक

परियोजना को गति देने के लिए जल्द ही आगरा में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी. इस बैठक में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग, विद्युत निगम, नगर निगम और अन्य संबंधित एजेंसियों के अधिकारी शामिल होंगे.

इस समन्वय बैठक का मकसद सभी विभागों से तकनीकी जानकारी जुटाना और DPR प्रक्रिया को और प्रभावी बनाना है, ताकि आगे चलकर निर्माण कार्य में कोई बाधा न आए.

नोएडा में मेट्रो विस्तार को भी मिली रफ्तार

बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के साथ-साथ नोएडा में मेट्रो विस्तार योजनाओं पर भी तेजी से काम हो रहा है. नोएडा मेट्रो एक्वा लाइन के तहत दो बड़े विस्तार प्रस्तावित हैं—

  • डिपो से बोडाकी तक
  • बॉटनिकल गार्डन से सेक्टर-142 तक

इन दोनों परियोजनाओं की DPR को केंद्र सरकार से मंजूरी मिल चुकी है और अब जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी. साथ ही सॉयल टेस्टिंग का काम भी जल्द शुरू होने की संभावना है.

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