Delhi Red Fort Blast: दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के पास हुए कार धमाके की जांच अब नए मोड़ पर पहुंच गई है. विस्फोट के बाद पुलिस ने सबसे पहले कार के मालिक सलमान को हिरासत में लिया है. यह i-20 कार, जिसके बारे में कहा जा रहा है कि इसमें धमाका हुआ, सलमान के नाम पर रजिस्टर्ड थी. पुलिस अब सलमान से पूछताछ कर रही है, लेकिन उसने बताया कि उसने यह कार पहले ही किसी और को बेच दी थी. इसके बाद पुलिस को असली मालिक की पहचान के लिए और भी कदम उठाने पड़े हैं.
कार के मालिक का पता लगाने के लिए RTO से संपर्क
पूछताछ के दौरान सलमान के बयान से मामला और उलझ गया, क्योंकि उसने दावा किया कि कार अब उसके पास नहीं है. पुलिस इस बिंदु पर कार के असली मालिक का पता लगाने के लिए RTO (क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय) से संपर्क कर रही है. RTO से प्राप्त जानकारी के जरिए पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिरकार इस कार का वर्तमान मालिक कौन है और धमाके के समय यह कार किसके पास थी. यह जानकारी अब पुलिस के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो गई है, ताकि वे धमाके के असल साजिशकर्ताओं तक पहुंच सकें.
पुलिस की टीमों ने कार के सभी लेन-देन को ट्रैक करने के लिए RTO रिकॉर्ड्स की जांच शुरू कर दी है. वे यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि धमाके में इस्तेमाल हुई कार की पूरी यात्रा का पता चल सके, ताकि इस घटना के पीछे की साज़िश का खुलासा हो सके.
ब्लास्ट की जानकारी और मृतकों की संख्या
यह धमाका सोमवार शाम 6:52 बजे हुआ, जब दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के पास एक कार में जोरदार विस्फोट हुआ. अब तक की जानकारी के अनुसार, इस धमाके में 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 24 लोग गंभीर रूप से घायल हैं. घायलों में से कुछ की हालत नाजुक बताई जा रही है. पुलिस और मेडिकल टीमों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए घायल व्यक्तियों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती किया है.
इस धमाके का सबसे हैरान करने वाला पहलू यह है कि यह जगह हमेशा भीड़-भाड़ से भरी रहती है. खासतौर पर लाल किला मेट्रो स्टेशन के आसपास, जहां से लोग आमतौर पर चांदनी चौक और चावड़ी बाज़ार की ओर जाते हैं. मेट्रो स्टेशन के पास खड़े ऑटो रिक्शा, ई-रिक्शा और गाड़ियाँ हमेशा यात्रीगण की आवाजाही से भरी रहती हैं, जिससे यह जगह दिनभर व्यस्त रहती है. ऐसे में इस इलाके में धमाका होना, शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल उठाता है.
एक दशक पहले शुरू हुआ था मेट्रो स्टेशन
यह भी एक बड़ा तथ्य है कि लाल किला मेट्रो स्टेशन का निर्माण 2017 में हुआ था, और तब से ही इस इलाके में यातायात और भीड़-भाड़ बढ़ गई है. इस मेट्रो स्टेशन पर यात्रियों का आना-जाना सामान्य है, और आसपास के बाजारों में भी दिनभर हलचल रहती है. ऐसे में इस मेट्रो स्टेशन के पास होने वाला धमाका शहर की सुरक्षा के लिहाज से एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है.
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