नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की प्रेरणा और उनके पर्यावरण संरक्षण एवं जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशीलता के विचारों से प्रेरित होकर, इस गर्मी के मौसम में लगातार बढ़ रहे तापमान, बढ़ती तपिश और लू जैसी गंभीर परिस्थितियों की संभावना को ध्यान में रखते हुए, नई दिल्ली नगरपालिका परिषद के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने आज सत्य सदन, चाणक्यपुरी पार्क और परिषद् मुख्यालय में पक्षियों के लिए मिट्टी के बर्तनों में पानी रखने की विशेष पहल की शुरुआत की. इस अवसर पर स्वास्थ्य, उद्यान और सिविल विभाग के प्रमुख अधिकारी तथा कर्मचारी उपस्थित रहे.
इस अवसर पर चहल ने गर्व के साथ कहा कि भले ही NDMC का क्षेत्र दिल्ली के कुल क्षेत्रफल का केवल लगभग 3% है, लेकिन इसके लगभग 55% हिस्से में हरित क्षेत्र (ग्रीन कवर) है. NDMC द्वारा करीब 1,450 एकड़ हरित क्षेत्र का प्रबंधन किया जाता है, जिसमें नेहरू पार्क, सेंट्रल पार्क और संजय झील जैसे प्रमुख उद्यान शामिल हैं.
उन्होंने कहा कि अधिक हरियाली होने के कारण यहाँ पक्षियों की संख्या भी अधिक है, और उनका संरक्षण करना हमारी जिम्मेदारी है. ये पक्षी न केवल पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में सहायक हैं, बल्कि नई दिल्ली की प्राकृतिक सुंदरता को भी बढ़ाते हैं. इसलिए NDMC का प्रयास है कि ऐसे छोटे-छोटे कदमों के माध्यम से पक्षियों के लिए अनुकूल वातावरण सुनिश्चित किया जाए और उन्हें भीषण गर्मी में राहत प्रदान की जा सके.
चहल ने पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता और पशु-पक्षियों के प्रति दया भाव को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि NDMC के उद्यान विभाग द्वारा पूरे NDMC क्षेत्र में कम से कम 1000 से अधिक मिट्टी के पानी के बर्तन रखे जाएंगे. ये बर्तन नेहरू पार्क, लोधी गार्डन, संजय झील जैसे प्रमुख उद्यानों के साथ-साथ NDMC कार्यालयों, सब-स्टेशनों, अस्पतालों, डिस्पेंसरी, स्कूलों, छोटे पार्कों और गोलचक्करों आदि में लगाए जाएंगे. इन बर्तनों में नियमित रूप से स्वच्छ पानी भरने और उसे समय-समय पर बदलने की जिम्मेदारी के लिए कर्मचारियों को भी नियुक्त किया जाएगा, ताकि पक्षियों को हमेशा साफ और पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सके और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
इसी बढ़ती जागरूकता के चलते उन्होंने क्षेत्र के निवासियों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWAs) और मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन (MTAs) से अपील की कि वे आगे बढ़कर अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे मिट्टी के पानी के बर्तन रखें, ताकि भीषण गर्मी के दौरान पक्षियों एवं अन्य शहरी जीवों को पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सके और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. श्री चहल ने RWAs एवं MTAs को पत्र के माध्यम से अपील पत्र भी प्रेषित किए हैं, जिनमें उनसे इस अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाने का आग्रह किया .
इस अवसर पर चहल ने बताया कि NDMC ने अपने कर्मचारियों और स्कूल के बच्चों की सुरक्षा के लिए एक व्यापक “लू/गर्मी से राहत एवं बचाव की व्यापक कार्ययोजना” (Heat Wave Mitigation Action Plan) भी लागू किया है. इसका उद्देश्य गर्मी के दौरान जरूरी सेवाओं को जारी रखते हुए लोगों की सुरक्षा और स्वास्थ्य का ध्यान रखना है.
इस योजना के तहत उद्यान, सफाई और सिविल इंजीनियरिंग विभाग के फील्ड कर्मचारियों के काम के समय में बदलाव किया गया है. अब सभी कर्मचारी पहले से एक घंटे पहले काम शुरू करेंगे, ताकि दोपहर की तेज गर्मी से बचा जा सके. अधिकारियों को इसके पालन के निर्देश दिए गए हैं.
चहल ने कहा की कर्मचारियों की सुविधा के लिए सभी कार्यस्थलों पर रोजाना ORS और पीने के साफ पानी की व्यवस्था की गई है. साथ ही, कैप, टोपी, छाता और हल्के कपड़े जैसी जरूरी चीजें उपलब्ध कराई जाएंगी और कर्मचारियों को समय-समय पर पानी पीने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा.
उन्होंने बताया कि दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच तेज धूप में काम को जहां संभव हो कम किया जाएगा. चक्कर आना, कमजोरी या उल्टी जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं. सभी स्थानों पर प्राथमिक उपचार (First Aid) की व्यवस्था रहेगी और NDMC के अस्पताल व चिकित्सा दल सतर्क रहेंगे.
उन्होंने कहा कि NDMC ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिया है कि वे इन उपायों का सही तरीके से पालन सुनिश्चित करें और रोजाना समीक्षा करें. कर्मचारियों को जागरूक करने के लिए नियमित रूप से जानकारी सत्र भी आयोजित किए जाएंगे.
चहल ने कहा की NDMC स्कूलों के बच्चों पर भी विशेष ध्यान दिया गया है. स्कूलों में ORS और पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था की जाएगी, दोपहर की गर्मी में बाहरी गतिविधियों को कम किया जाएगा और जरूरत के अनुसार समय में बदलाव किया जाएगा. बच्चों को पानी पीने, टोपी/छाता उपयोग करने और लू के लक्षण पहचानने के बारे में भी जागरूक किया जाएगा.
चहल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में NDMC लोगों और कर्मचारियों की सुरक्षा और कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. परिषद समय-समय पर ऐसे जरूरी और प्रभावी कदम उठाती रहेगी, ताकि भीषण गर्मी जैसी परिस्थितियों में सभी की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और आवश्यक सेवाएं बिना किसी बाधा के जारी रहें.
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