दिल्ली में कभी भी आ सकती है बाढ़! यमुना ने पार किया डेंजर लेवल, मयूर विहार में बनाए गए राहत शिविर

Delhi Flood Alert: देश के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और स्थिति गंभीर होती जा रही है. यमुना नदी का जलस्तर राजधानी में खतरे के निशान को पार कर चुका है.

Delhi Flood Alert Yamuna river crossed the danger level
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Delhi Flood Alert: देश के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और स्थिति गंभीर होती जा रही है. यमुना नदी का जलस्तर राजधानी में खतरे के निशान को पार कर चुका है, वहीं पहाड़ी राज्यों में लैंडस्लाइड और हाईवे बंद होने की खबरें हैं. प्रशासन ने राहत शिविरों की व्यवस्था शुरू कर दी है और मौसम विभाग ने अलर्ट जारी कर रखा है.

दिल्ली में लगातार बारिश, उफान पर यमुना

दिल्ली में बीते कुछ दिनों से हो रही मूसलधार बारिश के कारण यमुना नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है. बुधवार रात 9 बजे यमुना का जलस्तर 205.39 मीटर दर्ज किया गया, जो कि खतरे के निशान 205.33 मीटर से ऊपर है. चेतावनी स्तर 204.50 मीटर तय किया गया है, और प्रशासन 206 मीटर जलस्तर पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की योजना पर काम कर रहा है.

मयूर विहार में लगाए गए राहत शिविर

जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने मयूर विहार में बाढ़ राहत शिविरों की व्यवस्था कर दी है. स्थानीय निवासी अशोक ने बताया कि ये शिविर तंबुओं के रूप में लगाए गए हैं, जहां यमुना के किनारे रहने वाले लोग जरूरत पड़ने पर शरण ले सकेंगे. नदी से सटे क्षेत्रों में रहने वालों को सतर्क रहने और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है.

मौसम विभाग की चेतावनी

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने जानकारी दी है कि दिल्ली में अगले कुछ दिनों तक मानसून सक्रिय रहेगा और बारिश की संभावना बनी रहेगी. विभाग ने 31 अगस्त तक गरज के साथ बारिश का पूर्वानुमान जताया है. इसका सीधा असर यमुना नदी के जलस्तर पर पड़ेगा और बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो सकती है.

हिमाचल प्रदेश में तबाही

दिल्ली में जलस्तर बढ़ने की एक बड़ी वजह हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हो रही भारी बारिश भी है. बनाला (हिमाचल) में भूस्खलन के चलते चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग को बंद करना पड़ा है. साथ ही कुल्लू जिले में उफनती ब्यास नदी ने हाईवे का हिस्सा बहा दिया है. कुल्लू प्रशासन ने जिले के कुछ इलाकों को खाली कराना शुरू कर दिया है.

हिमाचल के जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी

  • रेड अलर्ट (29 अगस्त तक): चंबा, कांगड़ा और मंडी
  • येलो अलर्ट (28 अगस्त): चंबा, लाहौल-स्पीति, कुल्लू और मंडी
  • ऑरेंज अलर्ट (30-31 अगस्त): मंडी, शिमला और सोलन
  • 31 अगस्त को: कुल्लू, मंडी, कांगड़ा और शिमला में भी ऑरेंज अलर्ट लागू रहेगा

प्रशासन की तैयारियां तेज

बढ़ते जलस्तर को देखते हुए दिल्ली और हिमाचल में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है. राहत कार्यों के लिए टीमों को तैनात कर दिया गया है और प्रभावित इलाकों में इवैक्यूएशन प्लान पर तेजी से काम हो रहा है. जनता से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें और किसी भी स्थिति में घबराएं नहीं, बल्कि प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें.

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