Dahaad: कांग्रेस और नक्सल के बीच क्या कोई कनेक्शन है? Amit Shah का बड़ा दावा!

Dahaad: जब इरादे मजबूत होते हैं तो नतीजे भी नजर आते हैं और नक्सलवाद का सफाया करने के जो मजबूत इरादे किए गए उसके भी नतीजे सामने हैं. गृह मंत्री अमित शाह ने 31 मार्च 2026 तक नक्सल के अंत की डेडलाइन तय की थी और उससे एक दिन पहले यानी कि 30 मार्च को यह ऐलान कर दिया गया कि भारत अब नक्सल से मुक्त हो चुका है.

Bharat 24

Dahaad: जब इरादे मजबूत होते हैं तो नतीजे भी नजर आते हैं और नक्सलवाद का सफाया करने के जो मजबूत इरादे किए गए उसके भी नतीजे सामने हैं. गृह मंत्री अमित शाह ने 31 मार्च 2026 तक नक्सल के अंत की डेडलाइन तय की थी और उससे एक दिन पहले यानी कि 30 मार्च को यह ऐलान कर दिया गया कि भारत अब नक्सल से मुक्त हो चुका है. वो नक्सलवाद जिसकी शुरुआत 1967 में पश्चिम बंगाल के नक्सल बाड़ी से शुरू हुई और धीरे-धीरे उसका दायरा देश के 12 राज्यों में फैला. तिरुपति से पशुपतिनाथ तक लोग नक्सलवाद के लाल आतंक के दलदल में फंसते गए. इस रेड कॉरिडोर की वजह से करीब 20 करोड़ लोग प्रभावित थे. क्योंकि इसके बनने के बाद 1971 में नक्सली हिंसा की 3620 घटनाएं दर्ज हुई. नक्सलियों के पास जितने भी हथियार बरामद किए गए इनमें से 92% हथियार पुलिस बलों और थाने से लूटे गए थे.

ये भी पढ़ें- Android यूज़र्स के लिए अलर्ट! मंडरा रहा खतरनाक मैलवेयर का खतरा, सेफ रहने के लिए करें ये जरूरी काम