Mansukh Mandaviya Warns Pakistan: भारत-पाकिस्तान संबंधों में फिर से तनाव नजर आया है. पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी द्वारा भारत पर सिंधु जल समझौते और कश्मीर को लेकर लगाए गए आरोपों के बाद भारत ने कड़ा रुख अपनाया है. भारत ने सख्त लहजे में कहा कि पाकिस्तान को पहले अपने देश की विकास संबंधी समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए और भारत पर झूठे आरोप लगाने से बचना चाहिए.
भारत सरकार में श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने कतर की राजधानी दोहा में आयोजित वर्ल्ड समिट फॉर सोशल डेवलपमेंट के मंच से स्पष्ट किया कि पाकिस्तान का आरोप अनुचित और बेबुनियाद है. मांडविया ने कहा, "पाकिस्तान का यह एक अंतरराष्ट्रीय मंच का दुरुपयोग है. भारत के खिलाफ भ्रामक प्रचार फैलाकर दुनिया का ध्यान सामाजिक विकास के असली मुद्दों से भटकाने की कोशिश की जा रही है." उन्होंने सिंधु जल समझौते के संबंध में तथ्य स्पष्ट करते हुए कहा कि पाकिस्तान ने बार-बार समझौते का दुरुपयोग किया और भारत के वैध प्रोजेक्ट्स को बाधित करने की कोशिश की.
Delivering the National Statement at the Plenary Session of the Second World Summit for Social Development.
— Dr Mansukh Mandaviya (@mansukhmandviya) November 5, 2025
📍Doha, Qatar https://t.co/j9jCAl2HjE
कश्मीर पर बोलने का पाकिस्तान को कोई अधिकार नहीं
मनसुख मांडविया ने जोर देकर कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का आंतरिक मामला है और पाकिस्तान को इसमें किसी तरह की टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है. उन्होंने कहा, "जब पाकिस्तान भारत के नागरिकों के खिलाफ सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देता है, तो उसे भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने का कोई हक नहीं है."
मंत्रियों ने यह भी कहा कि पाकिस्तान को पहले अपने देश की विकास संबंधी चुनौतियों पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि यही वजह है कि पाकिस्तान कई मामलों में अंतरराष्ट्रीय सहायता पर निर्भर हो गया है.
जरदारी की टिप्पणी और भारत का जवाब
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने मंगलवार (4 नवंबर, 2025) को कहा था कि भारत सिंधु जल समझौते का उल्लंघन कर रहा है और पानी को पाकिस्तान के खिलाफ हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है.
उन्होंने यह भी कहा था कि समझौते का उल्लंघन लाखों पाकिस्तानियों को उनके पानी के अधिकार से वंचित कर सकता है. इस बयान पर भारत ने कड़ा रुख अपनाते हुए अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्पष्ट किया कि पाकिस्तान का आरोप भ्रामक और अनुचित है.
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