Citizen Vigilante Controversy: अमेरिकी अभिनेता आर्मी हैमर की नई फिल्म ‘सिटिजन विजिलैंटे’ यूरोप और अमेरिका में बड़े विवाद में फंस गई है. फिल्म को जर्मनी में सिनेमाघरों में रिलीज की अनुमति नहीं मिली, जिसके बाद इसे कुछ समय के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर रिलीज कर दिया गया.
इस कदम के बाद फिल्म को लेकर बहस और तेज हो गई है. फिल्म के प्रचार में एलन मस्क की पोस्ट ने भी बड़ी भूमिका निभाई है, जिससे इसे ऑनलाइन काफी लोकप्रियता मिली है.
फिल्म की कहानी क्या है?
फिल्म की कहानी एक अमेरिकी व्यक्ति पर आधारित है जो यूरोप के एक शहर में रहता है. वह वहां प्रवासियों (माइग्रेंट्स) से जुड़ी हिंसा की घटनाओं से परेशान होकर खुद कानून अपने हाथ में ले लेता है. इसके बाद वह अपराधियों और भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ हिंसक कार्रवाई करने लगता है. इसी विषय को लेकर फिल्म विवादों में आ गई है.
जर्मनी में रिलीज क्यों रुकी?
जर्मनी की फिल्म रेटिंग संस्था ने इस फिल्म को कोई रेटिंग नहीं दी, जिसके कारण इसे सिनेमाघरों में दिखाना कानूनी रूप से संभव नहीं हो पाया. हालांकि इसे औपचारिक रूप से बैन नहीं किया गया, लेकिन इसका असर वही रहा.
फिल्म के निर्देशक उवे बोल ने इस फैसले को सेंसरशिप बताया और कहा कि यह संविधान के खिलाफ है. उनका आरोप है कि फिल्म को इसलिए रोका गया क्योंकि इसकी कहानी सरकार की सोच से मेल नहीं खाती.
निर्देशक का क्या कहना है?
उवे बोल ने फिल्म को महिलाओं के मुद्दों से जुड़ी कहानी बताया है. उनका कहना है कि कानून कई बार आम लोगों को सुरक्षा नहीं दे पाता. उन्होंने यह भी कहा कि यूरोप में प्रवासन बढ़ने के कारण अपराध और हिंसा की घटनाएं बढ़ रही हैं. हालांकि, उनके इस बयान पर भी काफी विवाद हो रहा है.
दर्शक और आलोचक दो हिस्सों में बंटे
फिल्म को लेकर लोगों की राय बंटी हुई है. कुछ लोग इसे साहसी फिल्म बता रहे हैं, जो प्रवासन और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सवाल उठाती है. वहीं आलोचकों का कहना है कि फिल्म प्रवासियों के खिलाफ नकारात्मक सोच और हिंसा को बढ़ावा दे सकती है. रिव्यू वेबसाइट्स पर फिल्म को आलोचकों से खराब रेटिंग मिली है, लेकिन दर्शकों की रेटिंग काफी ज्यादा बताई जा रही है.
ऑनलाइन रिलीज से बढ़ी लोकप्रियता
फिल्म को X पर रिलीज करने के बाद इसे लाखों लोगों ने देखा. एलन मस्क की पोस्ट को भी करोड़ों व्यूज मिले, जिससे फिल्म को बिना थिएटर रिलीज के भी बड़ा प्रमोशन मिल गया.
आर्मी हैमर की वापसी पर भी चर्चा
यह फिल्म आर्मी हैमर के करियर कमबैक का हिस्सा मानी जा रही है. 2021 में उन पर गंभीर आरोप लगे थे, जिसके बाद उनका करियर प्रभावित हुआ था. हालांकि बाद में जांच में आरोप साबित नहीं हुए.
बड़ा मुद्दा बन गया विवाद
यह विवाद सिर्फ एक फिल्म तक सीमित नहीं है. यह यूरोप में प्रवासन, सुरक्षा, अभिव्यक्ति की आजादी और सेंसरशिप जैसे बड़े मुद्दों पर बहस को भी दिखाता है. फिलहाल फिल्म अमेरिका में सीमित रिलीज पर है और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी उपलब्ध कराई गई है. निर्देशक उवे बोल इस मामले को लेकर कानूनी लड़ाई भी लड़ रहे हैं.
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