कॉमेडी की दुनिया में अपनी बेबाक हाजिरजवाबी और मासूमियत भरे अंदाज़ से दिल जीतने वाली भारती सिंह एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह कुछ हटकर है. हर दिन अपनी ज़िंदगी की झलक यूट्यूब व्लॉग्स में दिखाने वाली भारती ने हाल ही में एक ऐसा वीडियो शेयर किया, जिसे देखकर फैंस हैरान हैं और प्रतिक्रियाओं की बाढ़ सी आ गई है.
भारती के लेटेस्ट व्लॉग में एक खास दृश्य है जहां वो अपने बेटे लक्ष्य (उर्फ गोला) की फेवरेट "लबूबू डॉल" को आग के हवाले करती हैं. यह कोई सामान्य खिलौना नहीं था, बल्कि वह गुड़िया जिसे गोला अपना दोस्त मानता था. लेकिन भारती का मानना है कि इस डॉल के आने के बाद से उनके बेटे के व्यवहार में ब noticeable बदलाव आया है और वो पहले से ज्यादा शरारती हो गया है.
लबूबू को किया विदा एक मां की अनोखी पहल
17 मिनट 28 सेकंड के इस व्लॉग में भारती गंभीर मुद्रा में नजर आती हैं. उनके साथ घर की नैनी भी इस प्रक्रिया में शामिल होती हैं, जो लबूबू डॉल को जलाने के समय साफ़ तौर पर डरी हुई दिखाई देती है. वहीं हर्ष लिम्बाचिया भारती के पति और लेखक पूरे घटनाक्रम को देखते हुए स्तब्ध रह जाते हैं. भारती बताती हैं कि यह फैसला अचानक नहीं लिया गया. उन्होंने कई बार महसूस किया कि इस गुड़िया के आने के बाद गोला की शरारतें काबू से बाहर हो रही थीं. यहां तक कि परिवार के अन्य सदस्य जैसे जैस्मीन भसीन और भारती की बहन—भी इस डॉल को लेकर चिंतित थे. सबका कहना था कि यह गुड़िया "शैतानी प्रभाव" रखती है.
गोला की मासूम प्रतिक्रिया और मां का यकीन
जब भारती ने अपने बेटे से पूछा कि वह इस डॉल को जला देंगी, तो गोला ने मासूमियत से कहा, "वो मेरा फ्रेंड है." मगर भारती ने बेटे को समझाते हुए कहा कि ये डॉल उसके दिमाग में गलत बातें भरती है और उसे और भी ज्यादा शरारती बना रही है. भारती का तर्क था कि लबूबू कोई सामान्य खिलौना नहीं, बल्कि "शैतान का रूप" है.
हर्ष का मज़ाक और भारती की आस्था
व्लॉग में हर्ष कहते हैं, "डॉल जलने का नाम नहीं ले रही, लगता है आत्मा प्रतिरोध कर रही है." यह मज़ाक भरा पल, भारती के गहरे विश्वास को हल्का करने का एक प्रयास लगता है. वहीं, भारती ने अंत में कहा, "शैतान जल चुका है. भगवान की हमेशा जीत होती है और बुराई की हार."
वायरल हो रहा है वीडियो, मिल रहे मिले-जुले रिएक्शन
भारती के इस व्लॉग ने सोशल मीडिया पर काफी हलचल मचा दी है. कुछ लोग इसे एक मां की चिंता और अनुभव आधारित प्रतिक्रिया मान रहे हैं, तो कुछ इसे अंधविश्वास की श्रेणी में गिन रहे हैं. लेकिन एक बात साफ़ है—इस वीडियो ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या खिलौने भी बच्चों के व्यवहार को प्रभावित कर सकते हैं?
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