चीन ने कंडोम पर क्यों लगाया टैक्स, क्या देश की आबादी बढ़ाना चाहते हैं जिनपिंग? जानें

चीन, जो कभी दुनिया की सबसे बड़ी आबादी का मालिक था, अब जनसंख्या वृद्धि को लेकर गंभीर चिंता में है. कुछ समय पहले तक इस देश ने जनसंख्या नियंत्रण के लिए 'एक बच्चा नीति' लागू की थी, अब वही चीन अपनी जनसंख्या को बढ़ाने के लिए नए कदम उठा रहा है. हाल ही में चीन ने गर्भनिरोधक उत्पादों, जैसे कंडोम, पर नया टैक्स लागू करने का ऐलान किया है.

China imposes new condom tax to boost population growth
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बीजिंगः चीन, जो कभी दुनिया की सबसे बड़ी आबादी का मालिक था, अब जनसंख्या वृद्धि को लेकर गंभीर चिंता में है. कुछ समय पहले तक इस देश ने जनसंख्या नियंत्रण के लिए 'एक बच्चा नीति' लागू की थी, अब वही चीन अपनी जनसंख्या को बढ़ाने के लिए नए कदम उठा रहा है. हाल ही में चीन ने गर्भनिरोधक उत्पादों, जैसे कंडोम, पर नया टैक्स लागू करने का ऐलान किया है. इसका उद्देश्य, चीन के अधिकारियों के मुताबिक, जनसंख्या वृद्धि को बढ़ावा देना है, लेकिन यह कदम क्या सही है या यह नई समस्याओं का जन्म देगा? आइए जानते हैं इस फैसले के पीछे की पूरी कहानी.

कंडोम पर टैक्स, क्यों लग रहा है दबाव?

चीन में अब 1 जनवरी से गर्भनिरोधक दवाओं और उत्पादों पर टैक्स लगाए जाएंगे. पहले ये उत्पाद कर-मुक्त थे, लेकिन अब कंडोम और अन्य गर्भनिरोधक दवाओं पर 13% का मूल्य संवर्धित कर (VAT) लागू किया जाएगा. इससे पहले, कंडोम और अन्य गर्भनिरोधक उपायों की आसानी से उपलब्धता और कई बार मुफ्त प्रदान की जाती थी. चीन ने अपनी जनसंख्या को नियंत्रित करने के लिए कई दशक तक कड़ी नीतियां अपनाईं थीं, लेकिन अब वह उस रास्ते से उलटकर जनसंख्या बढ़ाने की कोशिश कर रहा है.

चीन की जनसंख्या वृद्धि पर नियंत्रण और अब बढ़ाने का जुनून

चीन में सालों तक जनसंख्या वृद्धि को रोकने के लिए 'एक बच्चा नीति' लागू की गई थी, जिसने देश की आबादी को कड़ी सीमाओं में बांध दिया था. हालांकि, समय के साथ चीन ने महसूस किया कि अब वह जनसंख्या वृद्धि में भारत से पीछे हो रहा है. इसके परिणामस्वरूप, चीन ने जनसंख्या वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए नीतियों को बदलना शुरू कर दिया. 2021 में यह नीति तीन बच्चों तक की अनुमति देने के साथ समाप्त की गई. फिर भी, जन्म दर में कमी आने और 2023 में भारत द्वारा चीन को पीछे छोड़ने के बाद चीन को अपनी जनसंख्या को फिर से बढ़ाने की तीव्र आवश्यकता महसूस हो रही है.

क्या बढ़ेंगे अनचाहे गर्भ और स्वास्थ्य संकट?

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि गर्भनिरोधक पर टैक्स लगाने से अनचाहे गर्भधारण और यौन संचारित रोगों (STDs) के मामलों में वृद्धि हो सकती है. टैक्स लगाने से इन उत्पादों की कीमत बढ़ जाएगी, जिससे गरीब और मध्यवर्गीय परिवारों के लिए इनकी पहुंच मुश्किल हो सकती है. परिणामस्वरूप, अनचाहे गर्भधारण के मामले बढ़ सकते हैं, और यौन संचारित रोगों के फैलने का खतरा भी हो सकता है. साथ ही, इस स्थिति में गर्भपात की संख्या में भी वृद्धि हो सकती है.

महिला अधिकारों पर भी पड़ सकता है असर

चीन की प्रजनन नीति हमेशा से महिलाओं के अधिकारों पर असर डालती रही है. पिछले दशक में जबरन गर्भपात और कड़ी सजा की घटनाएं आम थीं, और अब एक बार फिर महिलाओं को प्रजनन संबंधी अपने अधिकारों को लेकर संघर्ष करना पड़ सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि कंडोम पर टैक्स लगाना महिलाओं के स्वास्थ्य और यौन स्वतंत्रता पर अनुशासनात्मक हमला हो सकता है, जो उनके निजी निर्णयों को प्रभावित कर सकता है.

कंडोम और गर्भनिरोधक उपायों की खपत में गिरावट

चीन में कंडोम का इस्तेमाल करने वाले जोड़ों की संख्या अब तक सीमित है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, चीन में केवल 9% जोड़े कंडोम का इस्तेमाल करते हैं, जबकि अन्य गर्भनिरोधक उपायों में महिलाएं आईयूडी, नसबंदी, और गोलियों का उपयोग करती हैं. अगर कंडोम के इस्तेमाल में कमी आती है, तो सार्वजनिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है. यह स्थिति खासकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए अधिक चिंताजनक हो सकती है, जिनके पास महंगे गर्भनिरोधक उत्पादों को खरीदने की क्षमता नहीं है.

चीन में बढ़ रहे गर्भपात और यौन संचारित संक्रमण

चीन में गर्भपात की संख्या दुनिया में सबसे ज्यादा है, और यौन संचारित रोगों के मामले भी लगातार बढ़ रहे हैं. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, हर साल लाखों गर्भपात होते हैं, और इस संख्या में कोई कमी नहीं आ रही है. 2024 में गोनोरिया और सिफलिस के मामलों में भी वृद्धि दर्ज की गई है. ऐसे में, गर्भनिरोधक उत्पादों पर टैक्स लगाना चीन की स्वास्थ्य स्थिति को और भी जटिल बना सकता है.

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