China Bribery Case: चीन में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुहिम ने एक और बड़ा नाम निगल लिया है. कभी देश के कृषि एवं ग्रामीण मामलों के मंत्री रहे तांग रेनजियान को भ्रष्टाचार और घूसखोरी के मामले में मृत्युदंड की सजा सुनाई गई है.
आरोपों के मुताबिक, तांग ने एक दशक से अधिक समय तक सत्ता में रहते हुए न केवल सरकारी पद का दुरुपयोग किया, बल्कि 268 मिलियन युआन (लगभग 3 अरब रुपये) की अवैध कमाई भी की. उनकी गिरफ्तारी से लेकर सजा सुनाए जाने तक की प्रक्रिया में तेज़ी और पारदर्शिता का जो प्रदर्शन हुआ है, वो चीन के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान की गंभीरता और दिशा को दर्शाता है.
क्या हैं आरोप? एक दशक से ज्यादा की लूट
सरकारी मीडिया शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, तांग रेनजियान ने 2007 से 2024 के बीच विभिन्न प्रशासनिक पदों पर रहते हुए घूस ली, संपत्ति जमा की और पद का दुरुपयोग किया. उनके द्वारा प्राप्त अवैध संपत्ति में नकदी, अचल संपत्ति, महंगे उपहार और विदेशी संपर्कों से वित्तीय लाभ शामिल हैं.
मौत की सजा, लेकिन 2 साल की मोहलत
चांगचुन इंटरमीडिएट पीपुल्स कोर्ट ने तांग को मृत्युदंड की सजा सुनाई, लेकिन साथ ही इसे दो साल के लिए निलंबित भी कर दिया. इसका मतलब यह है कि अगर तांग इन दो वर्षों में अच्छे आचरण का प्रदर्शन करते हैं, तो उनकी सजा को आजीवन कारावास में बदला जा सकता है.
यह निर्णय इस आधार पर लिया गया कि तांग ने अपने अपराध स्वीकार किए, जांच में सहयोग किया और कुछ संपत्तियां वापस लौटाईं.
पार्टी से निष्कासन और तेज़ जांच प्रक्रिया
तांग रेनजियान को नवंबर 2024 में कम्युनिस्ट पार्टी से औपचारिक रूप से निष्कासित कर दिया गया था. इसके पहले ही, चीन की भ्रष्टाचार विरोधी निगरानी एजेंसी ने उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी थी.
गौर करने वाली बात यह है कि तांग की जांच असामान्य रूप से तेज़ रही, और यही रफ्तार चीन में सत्ता के गलियारों में डर का माहौल बना रही है.
'शुद्धिकरण अभियान' का हिस्सा है यह कार्रवाई
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 2020 में देश की राजनीतिक और प्रशासनिक व्यवस्था को "शुद्ध करने" के नाम पर एक बड़ा अभियान शुरू किया था. इस अभियान का लक्ष्य है, पुलिस, न्यायपालिका और सेना जैसे तंत्रों को पूर्ण रूप से वफादार, पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त बनाना.
शी ने हाल ही में कहा था, "भ्रष्टाचार हमारी पार्टी और राष्ट्र के लिए सबसे बड़ा खतरा है, और इसे खत्म करना ही होगा." तांग रेनजियान के खिलाफ कार्रवाई इस कथन का सीधा उदाहरण है.
तांग का राजनीतिक सफर और पतन
तांग रेनजियान का नाम 2017 में सुर्खियों में आया, जब उन्हें गांसु प्रांत का गवर्नर बनाया गया. इसके बाद वे 2020 में कृषि एवं ग्रामीण मामलों के मंत्री बने. हालांकि, इसी दौरान उनके भ्रष्टाचार की जड़ें और गहरी होती गईं, जिसका परिणाम आज उनकी मौत की सजा के रूप में सामने आया है.
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