तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसमें बिहार के नालंदा से आए एक प्रवासी मजदूर, उसकी पत्नी और दो साल के मासूम बेटे को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया गया. यह घटना न केवल बिहार बल्कि पूरे देश को झकझोर कर रख दी है. पुलिस जांच में जो तथ्यों का खुलासा हुआ है, वह बेहद भयावह और रोंगटे खड़े करने वाला है. एक खुशहाल परिवार को सिर्फ इसलिए खत्म कर दिया गया क्योंकि उन्होंने यौन उत्पीड़न का विरोध किया.
नशे में घुसे आरोपियों ने किया यौन उत्पीड़न
मृतक गौरव कुमार (24) अपनी पत्नी मीनू (22) और बेटे बिरमानी के साथ बेहतर नौकरी की तलाश में चेन्नई आया था. लेकिन 25 जनवरी की रात उसके जीवन का सबसे भयानक पल था. गौरव अपने कुछ परिचित प्रवासी मजदूरों के साथ शराब पी रहा था. नशे में धुत आरोपियों ने उसकी पत्नी मीनू के साथ बदसलूकी की और यौन उत्पीड़न करने की कोशिश की. जब गौरव ने अपनी पत्नी की अस्मत बचाने के लिए इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने उन पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया. इस हमले में गौरव की मौके पर ही मौत हो गई.
परिवार की हत्या: हैवानियत की पराकाष्ठा
गौरव की हत्या के बाद आरोपियों की हैवानियत यहीं नहीं रुकी. उन्होंने गवाहों को खत्म करने के लिए मीनू और उसके दो साल के मासूम बेटे बिरमानी को भी बेरहमी से मार डाला. इसके बाद शवों को ठिकाने लगाने की योजना बनाई गई. 26 जनवरी को गौरव का शव चेन्नई के अड्यार इलाके में एक बोरी में बंद मिला, जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया.
शवों को ठिकाने लगाने की हैवानियत
आरोपियों ने गिरफ्तार होने के बाद अपना अपराध कबूल कर लिया है. उनकी निशानदेही पर पुलिस ने बकिंघम नहर से दो साल के बच्चे बिरमानी का शव बरामद किया, लेकिन मीनू कुमारी का शव अभी तक नहीं मिला है. आरोपियों का दावा है कि उन्होंने मीनू के शव को इंदिरा नगर स्टेशन के पास एक बड़े कूड़ेदान में फेंक दिया था. पुलिस और नगर निगम की टीमें अब भी उसकी तलाश कर रही हैं.
तमिलनाडु में सियासी हलचल
यह जघन्य हत्याकांड तमिलनाडु की राजनीति में उबाल ला चुका है. सत्ताधारी डीएमके सरकार को विपक्षी दलों ने कानून-व्यवस्था को लेकर कठघरे में खड़ा किया है. एआईएडीएमके और बीजेपी ने राज्य में बढ़ते अपराधों पर सवाल उठाए हैं, जबकि डीएमके सांसद कनिमोझी ने इस घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाने का वादा किया है.
रोजगार की तलाश में खो दी जान
गौरव के परिवार का हाल बेहाल है. बिहार के नालंदा में उसके परिजनों का दिल टूट चुका है. रोजगार की तलाश में चेन्नई पहुंचे इस परिवार के ख्वाब चूर-चूर हो गए हैं. अब वे केवल ताबूतों में वापस लौट रहे हैं, और एक पूरी तरह से बर्बाद परिवार के रूप में उनकी यादें बाकी रह जाएंगी.
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