'चाबहार पोर्ट और टर्मिनल पूरी तरह सुरक्षित', ईरान में अमेरिकी हमलों के बीच विदेश मंत्रालय का जवाब

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारत ने चाबहार पोर्ट को लेकर बड़ा बयान दिया है. विदेश मंत्रालय ने साफ कहा है कि अमेरिकी हमलों के बावजूद चाबहार बंदरगाह का टर्मिनल पूरी तरह सुरक्षित है और उसे किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचा है.

Chabahar Port and terminal completely safe MEA responds amidst US strikes in Iran
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नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारत ने चाबहार पोर्ट को लेकर बड़ा बयान दिया है. विदेश मंत्रालय ने साफ कहा है कि अमेरिकी हमलों के बावजूद चाबहार बंदरगाह का टर्मिनल पूरी तरह सुरक्षित है और उसे किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचा है.

हाल के अमेरिकी हवाई हमलों में ईरान के कई इलाकों के साथ चाबहार पोर्ट के पास मौजूद एक टावर को निशाना बनाए जाने की खबरें सामने आई थीं. इसके बाद भारत ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि पोर्ट का संचालन प्रभावित नहीं हुआ है.

विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?

नई दिल्ली में हुई प्रेस ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि सरकार ने हमलों से जुड़ी खबरें देखी हैं. हालांकि उपलब्ध जानकारी के मुताबिक चाबहार पोर्ट का टर्मिनल पूरी तरह सुरक्षित है और उसे कोई नुकसान नहीं पहुंचा है.

उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका की ओर से चाबहार पोर्ट को पहले मिली प्रतिबंधों में छूट अब समाप्त हो चुकी है. इसके बाद भारत इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए संबंधित देशों के साथ बातचीत कर रहा है.

अमेरिकी हमलों के बाद बढ़ी चर्चा

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक तस्वीर साझा की, जिसमें एक टावर गिरता हुआ दिखाई दे रहा था. हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि तस्वीर किस स्थान की है. इसके बाद चाबहार पोर्ट को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जाने लगीं.

भारत के लिए क्यों अहम है चाबहार पोर्ट?

चाबहार पोर्ट भारत की सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक परियोजनाओं में से एक है. यह बंदरगाह भारत को पाकिस्तान से होकर गुजरे बिना ईरान, अफगानिस्तान, मध्य एशिया और आगे यूरोप तक व्यापार का रास्ता देता है. यही वजह है कि भारत इस परियोजना को लंबे समय से विकसित कर रहा है.

ईरान ने बताया भारत-ईरान दोस्ती की पहचान

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची पहले भी कह चुके हैं कि चाबहार पोर्ट भारत और ईरान के सहयोग का बड़ा प्रतीक है. उनके मुताबिक अमेरिकी प्रतिबंधों की वजह से परियोजना की रफ्तार कुछ धीमी जरूर हुई, लेकिन यह बंदरगाह भविष्य में भारत, मध्य एशिया, कॉकेसस और यूरोप के बीच व्यापार का अहम केंद्र बनेगा.

उन्होंने भारत की भूमिका की सराहना करते हुए कहा था कि यह परियोजना दोनों देशों के साथ-साथ पूरे क्षेत्र के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है.

भारत ने किया है 10 साल का समझौता

भारत और ईरान ने चाबहार पोर्ट के संचालन के लिए 10 साल का समझौता किया है. इसके तहत भारत ने बंदरगाह के विकास के लिए 25 करोड़ अमेरिकी डॉलर की क्रेडिट सुविधा देने का वादा किया है.

दोनों देशों की योजना चाबहार पोर्ट को ईरान के रेल नेटवर्क से जोड़ने की भी है. इसके लिए चाबहार से जाहेदान तक करीब 700 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन बनाई जानी है. इस परियोजना के पूरा होने से भारत का मध्य एशिया और यूरोप तक व्यापारिक संपर्क और मजबूत होगा.