CEO निकला बड़ा दानवीर! कंपनी बेचकर कर्मचारियों को दिया बोनस, बांट दिए 2000 करोड़ रुपये

अक्सर जब कंपनियां बड़ी डील करती हैं, तो उनका मुनाफा सिर्फ प्रमोटर्स और निवेशकों तक ही सीमित रहता है. लेकिन लुइसियाना स्थित फैमिली बिजनेस फाइबरबॉन्ड के सीईओ ग्राहम वॉकर ने इस परंपरा को पूरी तरह बदल दिया. उन्होंने अपनी कंपनी को बेचे जाने के बाद, कर्मचारियों के लिए एक अनोखा कदम उठाया.

CEO shares company sale proceeds with employees offering a 240 million dollar bonus
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CEO Shares Sale Proceeds With Employees: अक्सर जब कंपनियां बड़ी डील करती हैं, तो उनका मुनाफा सिर्फ प्रमोटर्स और निवेशकों तक ही सीमित रहता है. लेकिन लुइसियाना स्थित फैमिली बिजनेस फाइबरबॉन्ड के सीईओ ग्राहम वॉकर ने इस परंपरा को पूरी तरह बदल दिया. उन्होंने अपनी कंपनी को बेचे जाने के बाद, कर्मचारियों के लिए एक अनोखा कदम उठाया, जिससे न सिर्फ उनकी मेहनत को सराहा गया, बल्कि उनके चेहरे पर मुस्कान भी आ गई.

कंपनी बेचने के बाद बोनस की घोषणा

फाइबरबॉन्ड को अमेरिकी दिग्गज कंपनी Eaton द्वारा खरीदा गया है. इस डील के बाद, ग्राहम वॉकर ने एक असाधारण कदम उठाया. उन्होंने कंपनी के 540 फुल-टाइम कर्मचारियों के बीच अपनी हिस्सेदारी का 15 प्रतिशत साझा करने का निर्णय लिया. यह रकम करीब 240 मिलियन अमेरिकी डॉलर के आसपास है, जो भारतीय रुपयों में लगभग 21 अरब 55 करोड़ रुपये बनती है. यह बोनस राशि कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण वित्तीय योगदान साबित हो सकती है.

डील में कर्मचारियों को हिस्सेदार बनाने की शर्त

इस डील की सबसे खास बात यह रही कि ग्राहम ने यह सुनिश्चित किया कि सभी कर्मचारी, चाहे उनके पास कंपनी की कोई हिस्सेदारी हो या न हो, वे भी इस बोनस के हिस्सेदार बनेंगे. वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, बोनस राशि की पेमेंट जून 2025 से शुरू हो जाएगी. इस राशि का वितरण पांच सालों में होगा, और कंपनी में बने रहने की शर्त भी रखी गई है.

कर्मचारियों के लिए यह कदम क्यों था खास?

ग्राहम वॉकर ने इस कदम को कर्मचारियों की मेहनत और लॉयल्टी का सम्मान देने के रूप में लिया. उन्होंने कहा कि यह फैसला उन कर्मचारियों के प्रति उनके आदर को दर्शाता है जिन्होंने कंपनी के मुश्किल समय में साथ दिया. बहुत से कर्मचारी इस खबर को सुनकर हैरान थे और उन्हें विश्वास ही नहीं हो रहा था.

सीईओ का मानवीय दृष्टिकोण

ग्राहम वॉकर के इस निर्णय को सोशल मीडिया पर खूब सराहा जा रहा है. इसे कई लोग क्रिसमस की सबसे सकारात्मक खबरों में से एक मान रहे हैं. यह कदम ना केवल कर्मचारियों को प्रेरित करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि एक लीडर का कार्य सिर्फ कंपनी के मुनाफे तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि कर्मचारियों के भले और उनके योगदान को भी उतना ही महत्व मिलना चाहिए.

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