कनाडा ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग को आतंकवादी संगठन किया घोषित, जानें क्या लगाए गए आरोप

Bishnoi gang Canada: कनाडाई सरकार ने एक बड़ा और सख्त कदम उठाते हुए लॉरेंस बिश्नोई गैंग को आतंकवादी समूह घोषित कर दिया है. यह गिरोह भारत में सक्रिय है और इसके खौफनाक कृत्यों की लिस्ट काफी लंबी है. खास बात यह है कि गैंग का प्रमुख, जो फिलहाल जेल में बंद है, जेल से ही मोबाइल फोन के जरिए आपराधिक गतिविधियों का संचालन करता रहा है. 

Canada designates Lawrence Bishnoi gang as terrorist organisation
Image Source: ANI/ File

Bishnoi gang Canada: कनाडाई सरकार ने एक बड़ा और सख्त कदम उठाते हुए लॉरेंस बिश्नोई गैंग को आतंकवादी समूह घोषित कर दिया है. यह गिरोह भारत में सक्रिय है और इसके खौफनाक कृत्यों की लिस्ट काफी लंबी है. खास बात यह है कि गैंग का प्रमुख, जो फिलहाल जेल में बंद है, जेल से ही मोबाइल फोन के जरिए आपराधिक गतिविधियों का संचालन करता रहा है. 

पिछले साल कनाडाई पुलिस ने भी इस गिरोह पर कड़ा आरोप लगाते हुए कहा था कि भारत ने इसे कनाडा में खालिस्तानी समर्थकों को निशाना बनाने के लिए इस्तेमाल किया. हालांकि भारत ने इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वह कनाडा के साथ मिलकर इस गिरोह की फंडिंग और आपराधिक नेटवर्क को खत्म करने की पूरी कोशिश कर रहा है.

भारत में 700 से अधिक सक्रिय गुर्गे, अपराधों का अड्डा

लॉरेंस बिश्नोई गैंग की जड़ें भारत के कई इलाकों में गहरी हैं, जहां लगभग 700 सदस्य डकैती, जबरन वसूली, मनी लॉन्ड्रिंग और अन्य अपराधों में लिप्त हैं. कनाडा में इस गैंग की मौजूदगी को लेकर अब तक कुल 88 आतंकवादी समूहों को चिन्हित किया गया है, जिन पर पुलिस न केवल कड़ी नजर रख रही है, बल्कि उनके अवैध संपत्ति भी जब्त कर सकती है.

संपत्ति जब्ती और कड़ी कार्रवाई

कनाडा सरकार की तरफ से इस गैंग को आतंकवादी घोषित करने के बाद उनकी संपत्तियों की जब्ती और बैंक खातों को फ्रीज करने का रास्ता साफ हो गया है. इससे उनके अपराधी नेटवर्क को तोड़ने में मदद मिलेगी. हालांकि सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस गिरोह की जड़ों तक पहुंचना इतना आसान नहीं होगा क्योंकि कनाडा में उनके नेटवर्क की जानकारी सीमित है.

सुरक्षा पर कनाडा का संदेश

कनाडा के मंत्री गैरी आनंदसंगरी ने साफ शब्दों में कहा है कि आतंकवाद और हिंसा के लिए उनके देश में कोई जगह नहीं है. हर व्यक्ति को सुरक्षित जीवन जीने का अधिकार है. इस फैसले से बिश्नोई गैंग जैसी आपराधिक शक्तियों को रोकने में मजबूती मिलेगी.

निज्जर हत्याकांड और भारत-कनाडा संबंध

खालिस्तानी समर्थक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मामले में भी लॉरेंस बिश्नोई और उसके साथियों का नाम सामने आया था. यह मामला कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री ट्रूडो के शासनकाल में चर्चा में आया था, जिससे दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव भी देखने को मिला. हालांकि नए प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के नेतृत्व में दोनों देशों के रिश्तों में सुधार की उम्मीद जगी है.

लॉरेंस बिश्नोई: अपराध की काली कहानी

लॉरेंस बिश्नोई का असली नाम बलकरन बराड़ है, जो पंजाब के फाजिल्का के एक छोटे से गांव से ताल्लुक रखते हैं. पढ़ाई के लिए यूनिवर्सिटी में दाखिला लेने के बाद ही उन्होंने अपराध की राह पकड़ी और जल्द ही लॉरेंस बिश्नोई के नाम से कुख्यात हो गए. उनके खिलाफ कई संगीन अपराध दर्ज हैं, जिनमें पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या, महाराष्ट्र के राजनेता बाबा सिद्दीकी की हत्या, और अन्य कई गंभीर मामले शामिल हैं. फिलहाल वह गुजरात के अहमदाबाद में साबरमती जेल में बंद हैं.

यह भी पढ़ें- “एक सशक्त राष्ट्रभक्त और प्रेरणादायक समकालीन नेता”,जॉर्जिया मेलोनी की आत्मकथा में पीएम मोदी ने लिखी प्रस्तावना