British Army Rejected 173 Soldiers: फिटनेस का मतलब अब सिर्फ मजबूत शरीर नहीं, बल्कि साफ-सुथरे दांत भी है. जी हां, ब्रिटिश आर्मी ने हाल ही में ऐसा फैसला लिया है जिसने सबको चौंका दिया. सेना ने डेंटल हेल्थ को गंभीरता से लेते हुए 173 नए सोल्जर्स को सिर्फ इसलिए बाहर का रास्ता दिखा दिया क्योंकि उनके दांत खराब थे. सेना का मानना है कि जो सैनिक अपने दांतों का ख्याल नहीं रख सकते, वो युद्ध जैसे कठिन हालात में खुद को कैसे संभाल पाएंगे?
अब सिर्फ मसल्स नहीं, मुस्कान भी होनी चाहिए परफेक्ट
ब्रिटिश सेना की भर्ती प्रक्रिया में अब सिर्फ फिजिकल फिटनेस ही नहीं, बल्कि दांतों की सफाई और सेहत भी अहम हो गई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिन युवाओं के दांतों में सड़न, संक्रमण या मसूड़ों की बीमारी पाई गई, उन्हें भर्ती के बाद रिजेक्ट कर दिया गया. सेना का साफ कहना है कि डेंटल इमरजेंसी के कारण मिशन के दौरान किसी सैनिक को मेडिकल एवैक्यूएशन की जरूरत पड़ी, तो पूरा ऑपरेशन खतरे में पड़ सकता है. इसलिए भर्ती से पहले ही कड़े मापदंड तय कर दिए गए हैं.
47,000 से ज्यादा भर्तियां स्वास्थ्य कारणों से रद्द
डिफेंस मिनिस्ट्री के आंकड़ों के मुताबिक, 2020 से 2024 के बीच कुल 47,000 भर्तियां चिकित्सा आधार पर खारिज की गईं. इनमें से 26,000 मामलों में जवानों को दांतों की गंभीर समस्याएं थीं. दिलचस्प बात यह है कि ब्रिटिश डेंटल एसोसिएशन के मुताबिक, इराक और अफगानिस्तान युद्धों के दौरान कई सैनिक दांतों की वजह से मोर्चे पर नहीं टिक पाए.
रिसर्च में यह भी सामने आया कि आर्मी जॉइन करने वाले युवाओं में दांतों की बीमारी सामान्य जनता से दोगुना ज्यादा पाई जाती है. इनमें से अधिकांश उम्मीदवार आर्थिक रूप से पिछड़े परिवारों से आते हैं, जहां डेंटल केयर पर ध्यान नहीं दिया जाता.
सिर्फ दांत नहीं, स्किन प्रॉब्लम भी बनी परेशानी
आश्चर्यजनक रूप से, मुंहासों और त्वचा संबंधी बीमारियों के कारण भी 1,800 से ज्यादा जवानों को भर्ती नहीं किया गया. यानी अब हर छोटी से छोटी हेल्थ प्रॉब्लम सेना की जॉइनिंग में रुकावट बन सकती है.
सेना में तेजी से घट रही है संख्या
ब्रिटिश आर्मी में इस वक्त 71,000 सैनिक कार्यरत हैं, जबकि 2000 के दशक की शुरुआत में यह संख्या 1 लाख से ज्यादा थी. डिफेंस सेक्रेटरी ने स्वीकार किया है कि इस कमी को पूरा करने में समय लगेगा, लेकिन गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा.
ये भी पढ़ें: पुतिन से पंगा लेना ट्रंप को पड़ा महंगा! रूस ने ये सर्विस बंद करके काट दी अमेरिका की नस, कितना होगा नुकसान?