Breaking News: भारत में आज भी यौन शिक्षा यानी सेक्स एजुकेशन को लेकर खुलकर बात नहीं की जाती. कई लोग इसे निजी या बंद कमरे का विषय मानते हैं. लेकिन अब समय के साथ इस सोच में बदलाव की जरूरत महसूस की जा रही है. केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में बताया है कि स्कूलों में जल्द ही कॉम्प्रिहेंसिव सेक्स एजुकेशन यानी व्यापक यौन शिक्षा शुरू की जा सकती है.
सरकार की ओर से कहा गया है कि विशेषज्ञ समिति ने इसको लेकर जो सिफारिशें दी हैं, उन्हें स्वीकार कर लिया गया है. हालांकि, इसे लागू करने के लिए सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी जरूरी होगी. केंद्र सरकार की तरफ से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस आर महादेवन की पीठ के सामने यह जानकारी दी.
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