पटना: बीपीएससी (BPSC) के परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह के विवादित बयान पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सख्त रुख अपनाया है. बयान का वीडियो वायरल होने के कुछ ही घंटों के भीतर मुख्यमंत्री ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारी से बात की और उन्हें निलंबित करने का निर्देश दिया. मुख्यमंत्री के आदेश के बाद सामान्य प्रशासन विभाग को निलंबन की कार्रवाई करने को कहा गया है.
खेद जताने के बावजूद नहीं टला एक्शन
परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह अपने बयान पर पहले ही खेद प्रकट कर चुके हैं. उनका कहना था कि उन्होंने केवल लोकोक्ति यानी कहावत का इस्तेमाल किया था और अगर उनके शब्दों से किसी को ठेस पहुंची है तो वह इसके लिए खेद व्यक्त करते हैं. हालांकि, उनके स्पष्टीकरण के बाद भी मुख्यमंत्री ने कार्रवाई का फैसला लिया. इस कदम से सरकार ने संकेत दिया है कि अधिकारियों के ऐसे बयानों को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा. मामले को लेकर तेजस्वी यादव और प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज की ओर से भी परीक्षा नियंत्रक से माफी मांगने की मांग की गई थी.
पीसी में कहा था- 'हाथी चले बाजार, कुत्ता भौंके हजार'
दरअसल, बीपीएससी के परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह ने सोमवार (24 अगस्त, 2026) को आयोग कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. इसी दौरान उन्होंने कहा- "हाथी चले बाजार, कुत्ता भौंके हजार." इसके बाद उनके बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और विवाद खड़ा हो गया. उनके बयान के सामने आने के बाद मामले ने राजनीतिक और सार्वजनिक स्तर पर भी तूल पकड़ लिया.
छात्रों की मांगों पर BPSC ने दिया था जवाब
पटना के गर्दनीबाग में छात्र अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं. टीआरई-4 के शिक्षक अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों में निगेटिव मार्किंग हटाना और केवल एक परीक्षा आयोजित करना शामिल है. इन्हीं मुद्दों को लेकर बीपीएससी ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. आयोग ने स्पष्ट किया कि निगेटिव मार्किंग हटाने और परीक्षा को एक ही चरण में कराने की मांग को स्वीकार नहीं किया जा सकता है. इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिए गए परीक्षा नियंत्रक के बयान पर विवाद बढ़ा और बाद में मुख्यमंत्री ने निलंबन का निर्देश जारी कर दिया.
ये भी पढ़ें: पटना एयरपोर्ट पर टला बड़ा हादसा! लैंडिंग से पहले विमान से टकराया पक्षी, 164 यात्रियों की सांसें अटकीं!