असहनीय दर्द में भी कैमरे के सामने डटे रहे इरफान खान, 'अंग्रेजी मीडियम' के सेट की ये कहानी भावुक कर देगी आपको

Irrfan Khan Story: कुछ कलाकार सिर्फ किरदार नहीं निभाते, वे सिनेमा को जीते हैं. इरफान खान ऐसे ही कलाकार थे. अप्रैल 2020 में जब उन्होंने दुनिया को अलविदा कहा, तो सिर्फ एक अभिनेता नहीं गया, बल्कि अभिनय की एक पूरी दुनिया सिमट गई. उनके जाने का खालीपन आज भी महसूस किया जाता है.

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Irrfan Khan Story: कुछ कलाकार सिर्फ किरदार नहीं निभाते, वे सिनेमा को जीते हैं. इरफान खान ऐसे ही कलाकार थे. अप्रैल 2020 में जब उन्होंने दुनिया को अलविदा कहा, तो सिर्फ एक अभिनेता नहीं गया, बल्कि अभिनय की एक पूरी दुनिया सिमट गई. उनके जाने का खालीपन आज भी महसूस किया जाता है.

इरफान की आख़िरी फिल्म होमी अदजानिया निर्देशित ‘अंग्रेजी मीडियम’ थी, जो उनके निधन से कुछ दिन पहले रिलीज़ हुई. यह फिल्म सिर्फ एक कहानी नहीं थी, बल्कि इरफान के जज़्बे, संघर्ष और प्रोफेशनल कमिटमेंट की मिसाल भी बन गई.

शूटिंग के दौरान असहनीय दर्द से जूझ रहे थे इरफान

फिल्म की कॉस्ट्यूम डिजाइनर स्मृति चौहान ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में शूटिंग के दौरान के उन पलों को याद किया, जिन्हें सुनकर किसी की भी आंखें नम हो जाएं. उन्होंने बताया कि इरफान शूटिंग के दौरान लगातार भयानक दर्द में रहते थे और शारीरिक रूप से कमजोर होते जा रहे थे. स्मृति के मुताबिक, कई बार उनकी तबीयत इतनी खराब हो जाती थी कि शूटिंग कैंसल करनी पड़ती थी, क्योंकि इरफान सेट तक पहुंच ही नहीं पाते थे.

“मुझे बहुत ठंड लगती है” 

डिजिटल कमेंट्री से बातचीत में स्मृति ने बताया कि इरफान ने उनसे सिर्फ एक बात कही थी, “मुझे बहुत ठंड लगती है.” इसके बाद उन्होंने लंदन के एक ब्रांड का नाम बताया और वार्मर्स मंगवाने को कहा. स्मृति ने बताया कि शूटिंग के दौरान वह साफ तौर पर कमजोर हो रहे थे और उनके कपड़ों में लगातार पैडिंग बढ़ानी पड़ रही थी ताकि यह कैमरे पर नजर न आए.

हर सीन में छिपा था संघर्ष

यहां तक कि उन सीन्स में भी, जहां इरफान के किरदार को वेस्ट पहननी थी, वहां भी पैडिंग करनी पड़ी. समर सीक्वेंस के बावजूद उनका शरीर साथ नहीं दे रहा था. स्मृति ने कहा कि ज्यादातर समय उनका परिवार सेट पर मौजूद रहता था. कई बार वह शूट के बीच ब्रेक लेते थे, क्योंकि दर्द असहनीय हो जाता था. कुछ दिन ऐसे भी आए जब तमाम कोशिशों के बावजूद शूटिंग संभव नहीं हो पाई.

अभिनय ही था उनका आख़िरी सहारा

स्मृति की बातों में इरफान के प्रति गहरा सम्मान झलकता है. उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि उन्हें पूरा विश्वास था कि यही उनका जीने का मकसद है. शायद वह इसी को करते हुए दुनिया छोड़ना चाहते थे… और उन्होंने वैसा ही किया.”

एक लंबी लड़ाई और एक अमर विरासत

2018 में इरफान खान ने खुलासा किया था कि वह न्यूरोएंडोक्राइन कैंसर से जूझ रहे हैं. इस बीमारी से लंबी और कठिन लड़ाई के बाद अप्रैल 2020 में उनका निधन हो गया. उनके जाने पर बॉलीवुड ही नहीं, हॉलीवुड के सितारों की आंखें भी नम थीं. आज भी उनके निभाए किरदार, उनकी आवाज़ और उनकी सादगी फैंस के दिलों में जिंदा है.

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