Bihar PETC: बिहार सरकार ने पिछड़ा और अति पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिए एक नई पहल शुरू की है, जिससे वे सिविल सेवा, एसएससी, बैंकिंग, रेलवे और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी आसानी से कर सकें.
इसके लिए राज्य में प्री-एग्जामिनेशन ट्रेनिंग सेंटर (PETC) खोले गए हैं. यह कदम छात्रों को उनके सपनों के करीब लाने और उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं में आगे बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है.
PETC केंद्रों में मिलने वाली सुविधाएं
बिहार के 36 जिलों में 38 PETC केंद्र हैं, जहां हजारों छात्र मुफ्त कोचिंग प्राप्त कर रहे हैं. इन केंद्रों में छात्रों को छह महीने का फ्री प्रशिक्षण दिया जाता है. हर केंद्र पर दो बैच चलते हैं, जिनमें एक बैच में 60 छात्र शामिल होते हैं.
छात्रों को 75% उपस्थिति बनाए रखने पर हर महीने 3000 रुपये की प्रोत्साहन राशि भी मिलती है. इसके अलावा डिजिटल पढ़ाई की सुविधा, अच्छी लाइब्रेरी, नियमित मोटिवेशन और गाइडेंस सेशन, निःशुल्क सिलेबस और स्टडी मैटेरियल, और अनुभवी शिक्षक छात्रों की तैयारी को आसान बनाते हैं.
एडमिशन के लिए जरूरी शर्तें
PETC में एडमिशन के लिए छात्रों को एंट्रेंस एग्जाम या अकादमिक नंबर के आधार पर चयन किया जाता है. साथ ही छात्रों का बिहार का स्थायी निवासी होना, पिछड़ा या अति पिछड़ा वर्ग से होना, और परिवार की वार्षिक आय 3 लाख रुपये से अधिक न होना आवश्यक है.
निदेशक ने क्या कहा?
पटना विश्वविद्यालय PETC के निदेशक सत्येंद्र दत्त मिश्र के अनुसार, "सरकार की यह योजना गरीब और पिछड़े वर्ग के छात्रों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो रही है. सही मार्गदर्शन और मुफ्त पढ़ाई से छात्र अब बड़े लक्ष्य हासिल कर पा रहे हैं."
यह भी पढ़ें- पहले शराब पीकर आई पत्नी, फिर पति को कुल्हाड़ी से काट डाला, कानपुर में दिल दहला देने वाली वारदात