बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और बीएनपी प्रमुख बेगम खालिदा जिया की बिगड़ती तबीयत को लेकर दक्षिण एशियाई राजनीति में चिंता गहराती जा रही है. ऐसे माहौल में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिक्रिया और उनकी मदद की पेशकश ने एक नया मानवीय संदेश दिया है. बीएनपी ने इस संवेदनशील समय में पीएम मोदी की ओर से जताई गई चिंता और शुभकामनाओं का दिल से स्वागत किया है.
बीएनपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक औपचारिक संदेश जारी कर प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद दिया. पार्टी ने कहा कि खालिदा जिया की सेहत को लेकर भारत की तरफ से आई यह सद्भावना उनके लिए बेहद मायने रखती है.बीएनपी ने लिखा “हम भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सद्भावना संदेश, शुभकामनाओं और मदद करने की इच्छा की तहे दिल से सराहना करते हैं. पार्टी की इस प्रतिक्रिया को राजनीतिक दायरों से बाहर एक मानवीय रिश्ते के रूप में देखा जा रहा है, जहां बीमारी ने राजनीतिक मतभेदों पर भी संवेदना को प्राथमिकता दे दी है.
PM मोदी ने क्या कहा था?
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए खालिदा जिया की गंभीर हालत पर चिंता जताई. उन्होंने लिखा कि उन्हें जिया की सेहत के बारे में जानकर दुख हुआ है.मोदी ने याद दिलाया कि खालिदा जिया ने बांग्लादेश के सार्वजनिक जीवन में एक मजबूत और महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. उन्होंने उनकी जल्द स्वस्थ होने की कामना की और कहा “भारत हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है. इस संदेश को क्षेत्रीय राजनीति में एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है.
खालिदा जिया की हालत बेहद नाजुक
80 वर्षीय खालिदा जिया पिछले कई महीनों से विभिन्न गंभीर बीमारियों का सामना कर रही हैं.23 नवंबर को सीने में तेज संक्रमण के बाद उन्हें ढाका के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था.इलाज के दौरान उनकी हालत लगातार बिगड़ती गई और कुछ ही दिनों में उन्हें कोरोनरी केयर यूनिट में शिफ्ट करना पड़ा. डॉक्टरों के मुताबिक, दिल और फेफड़ों दोनों में गंभीर जटिलताएं विकसित हो चुकी हैं.स्थिति इतनी गंभीर है कि अब उन्हें वेंटिलेशन पर रखा गया है. स्थानीय डॉक्टरों के साथ-साथ इंटरनेशनल एक्सपर्ट्स की टीम भी लगातार उनका इलाज कर रही है, लेकिन सुधार बहुत धीमा है.
BNP नेता भी चिंतित
बीएनपी के वरिष्ठ नेता अहमद आजम खान ने मीडिया से कहा कि अब जिया के लिए “पूरे देश की प्रार्थनाओं पर ही उम्मीद टिकी है.”दूसरी ओर पार्टी महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने भी उनकी हालत को “बेहद गंभीर” बताया.बीएनपी नेताओं का कहना है कि कई दिनों से उनकी स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ है और परिवार तथा पार्टी दोनों गहरी चिंता में डूबे हैं.
लंबे समय से चल रहा है इलाज
खालिदा जिया लंबे समय से लिवर, किडनी, डायबिटीज, गठिया और आंखों की पुरानी बीमारी सहित कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित हैं. वह इस साल मई तक करीब चार महीने लंदन में इलाज कराकर लौटी थीं, लेकिन वापसी के बाद से लगातार उनकी हालत खराब होती जा रही है.
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