Watermelon Case: मुंबई के बाद बिजनौर में तरबूज कांड, खाने के बाद बेटी की मौत; माता-पिता की हालत गंभीर

उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है. कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के शेरनगर नरैका गांव में तरबूज खाने के बाद एक ही परिवार के तीन लोगों की अचानक तबीयत बिगड़ गई.

Bijnor watermelon food poisoning Daughter dies Parents are in serious condition
प्रतिकात्मक तस्वीर/ FreePik

Watermelon Case: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है. कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के शेरनगर नरैका गांव में तरबूज खाने के बाद एक ही परिवार के तीन लोगों की अचानक तबीयत बिगड़ गई. हालत इतनी गंभीर हो गई कि अस्पताल ले जाते समय परिवार की 22 वर्षीय बेटी मुस्कान की मौत हो गई, जबकि उसके माता-पिता की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है.

घटना के बाद पूरे गांव में डर और चिंता का माहौल है. परिवार में जहां कुछ दिनों पहले शादी की खुशियां थीं, वहीं अब मातम पसरा हुआ है.

बाजार से लाया गया था तरबूज

जानकारी के अनुसार, डॉ. जियाउल रहमान बाजार से तरबूज खरीदकर घर लाए थे. उन्होंने अपनी पत्नी और बेटी मुस्कान के साथ मिलकर तरबूज खाया. बताया जा रहा है कि फल खाने के कुछ देर बाद ही तीनों की तबीयत अचानक खराब होने लगी.

परिजनों के मुताबिक, सबसे पहले तेज घबराहट, उल्टी और पेट दर्द की शिकायत शुरू हुई. धीरे-धीरे हालत बिगड़ती चली गई. मुस्कान की तबीयत सबसे ज्यादा खराब हो गई और उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई.

घर में शादी की तैयारी, अचानक छाया मातम

बताया जा रहा है कि मुस्कान का निकाह हाल ही में तय हुआ था और घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं. परिवार खुशियों के माहौल में था, लेकिन अचानक हुई इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया.

मुस्कान की मौत के बाद गांव में शोक का माहौल है. आसपास के लोग भी इस घटना से डरे हुए हैं और बाजार में बिक रहे फलों की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठा रहे हैं.

स्वास्थ्य विभाग और पुलिस मौके पर पहुंची

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची. डॉ. जियाउल रहमान और उनकी पत्नी को बिजनौर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है.

पुलिस ने मुस्कान के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी की, लेकिन परिजन पोस्टमार्टम कराने के लिए तैयार नहीं हुए. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.

फूड पॉइजनिंग की आशंका

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मौत की असली वजह मेडिकल जांच और रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी. शुरुआती आशंका फूड पॉइजनिंग की जताई जा रही है.

अधिकारियों के मुताबिक, संभावना है कि तरबूज में किसी तरह के रसायन, केमिकल या कीटनाशक का इस्तेमाल किया गया हो, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ. मामले की गंभीरता को देखते हुए फल के सैंपल की जांच भी कराई जा सकती है.

फलों में खतरनाक केमिकल इस्तेमाल होने का शक

विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मियों में फलों को जल्दी पकाने या अधिक लाल और आकर्षक दिखाने के लिए कई बार खतरनाक रसायनों का इस्तेमाल किया जाता है. ऐसे केमिकल स्वास्थ्य के लिए बेहद नुकसानदायक हो सकते हैं.

कुछ मामलों में इंजेक्शन के जरिए रंग या केमिकल डालने की बातें भी सामने आती रही हैं. हालांकि इस मामले में जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो सकेगी.

लोगों को बरतनी होगी सावधानी

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को फल खरीदते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है. उनका कहना है कि तरबूज काटने से पहले उसे अच्छी तरह धोना और कुछ समय तक पानी में भिगोकर रखना बेहतर होता है.

इसके अलावा बहुत ज्यादा चमकीले, गहरे लाल या संदिग्ध निशान वाले फलों से बचने की सलाह दी गई है. अगर फल खाने के बाद घबराहट, उल्टी, पेट दर्द या बेचैनी महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.

मुंबई के बाद अब बिजनौर की घटना

इस घटना से पहले मुंबई में भी कथित तौर पर तरबूज खाने के बाद एक ही परिवार के कई लोगों की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया था. अब बिजनौर की घटना के बाद लोगों में डर और चिंता और बढ़ गई है.

स्थानीय लोग प्रशासन से बाजार में बिक रहे फलों की जांच कराने और मिलावटी या केमिकलयुक्त फलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

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