Patna Name Change: बिहार की राजधानी पटना को उसके प्राचीन नाम पाटलिपुत्र के रूप में पहचान दिलाने को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कहा कि राजधानी की पहचान पाटलिपुत्र नाम से होनी चाहिए.
सहयोग शिविर में दिया बयान
फुलवारी शरीफ के नदियावां क्षेत्र में आयोजित सहयोग शिविर के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पाटलिपुत्र का ऐतिहासिक महत्व बेहद बड़ा है. उन्होंने बताया कि यह कभी मगध साम्राज्य की राजधानी हुआ करता था और इसकी पहचान देश-दुनिया में रही है.
पटना का नाम एक नए शहर टाउनशिप जो होगा उसको पाटलिपुत्र के नाम से जाना जाएगा। टाउनशिप जो होगा वो पाटलिपुत्र के नाम से जाना जाएगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का बड़ा बयान pic.twitter.com/EgFkdMnCtp
— Sadan Singh Rajput (@SadanJee) June 17, 2026
ऐतिहासिक नाम को लेकर उठती रही है मांग
मुख्यमंत्री ने कहा कि समय-समय पर कई लोग पटना का नाम बदलकर पाटलिपुत्र करने की मांग करते रहे हैं. उनका मानना है कि राजधानी को उसकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के अनुरूप पहचान मिलनी चाहिए.
बड़े और आधुनिक शहर की परिकल्पना
सम्राट चौधरी ने कहा कि उनकी सोच सिर्फ मौजूदा पटना तक सीमित नहीं है. वे एक बड़े, आधुनिक और विकसित शहर की कल्पना कर रहे हैं, जिसकी पहचान पाटलिपुत्र के नाम से स्थापित हो सकती है.
पाटलिपुत्र का ऐतिहासिक महत्व
पाटलिपुत्र भारतीय इतिहास का एक प्रमुख नगर रहा है. प्राचीन काल में यह मगध, मौर्य और गुप्त साम्राज्य की सत्ता का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता था. इतिहास में इसका विशेष स्थान रहा है.
औपचारिक प्रक्रिया पर अभी नहीं हुई घोषणा
हालांकि राजधानी के नाम परिवर्तन को लेकर अभी तक किसी आधिकारिक प्रशासनिक प्रक्रिया या अंतिम निर्णय की विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है. फिलहाल मुख्यमंत्री के बयान के बाद इस विषय पर राजनीतिक और सामाजिक चर्चा तेज हो गई है.
ये भी पढ़ें- सीक्रेट ऑपरेशन में ATS के हत्थे चढ़ा आतंकियों का 'आका', मधुबनी के मदरसे से हुई गिरफ्तारी