Industry In Bihar: बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने सीएम नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा के दौरान सुपौल जिले में आयोजित एक कार्यक्रम में बड़ी घोषणा की. उन्होंने मंच से बताया कि बिहार में लोगों को रोजगार देने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है. सम्राट चौधरी ने कहा, "हमें बिहार में रोजगार के अवसर ऐसे देना है कि कोई भी बिहारी काम के लिए बाहर न जाए. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में हम इस लक्ष्य को पूरा करेंगे."
इस मौके पर सम्राट चौधरी ने यह भी स्पष्ट किया कि जो लोग पलायन करते हैं, उनका पलायन रोका जाएगा और बिहार में ही उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे. उनका कहना था कि सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है, ताकि बिहारी लोगों को अपने राज्य में ही रोजगार मिले और वे अपने घरों से दूर न जाएं. उन्होंने यह भी कहा कि हर बिहारी का हक है कि उसे अपने राज्य में ही सम्मानजनक रोजगार मिले.
सीएम नीतीश के राज्यसभा जाने पर क्या बोले सम्राट चौधरी?
सीएम नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की अफवाहों पर भी सम्राट चौधरी ने अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने साफ तौर पर कहा, "मैं एनडीए की ओर से यह साफ करना चाहता हूं कि नीतीश कुमार जी कहीं भी नहीं जा रहे हैं. वह हमारे बीच ही रहेंगे और हमें मार्गदर्शन देंगे. उनके नेतृत्व में ही बिहार फिर से एक प्रमुख राज्य बनेगा." सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में सीएम नीतीश कुमार का नेतृत्व मजबूत है और राज्य का विकास उनके मार्गदर्शन में ही होगा.
इस बयान के माध्यम से सम्राट चौधरी ने उन सभी अटकलों पर विराम लगाया, जो कह रही थीं कि नीतीश कुमार राज्यसभा जा सकते हैं. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नीतीश कुमार जी बिहार के हित में हमेशा काम करेंगे और राज्य के विकास के लिए लगातार सक्रिय रहेंगे.
बिहार में इंसेंटिव पॉलिसी लाने की योजना
बिहार सरकार अब उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए एक नई नीति लेकर आ रही है. सम्राट चौधरी ने बताया कि बिहार में एक इंसेंटिव पॉलिसी लाने की योजना बनाई गई है, जो राज्य में उद्योगों के विस्तार को मदद करेगी. उनका कहना था कि यह नीति 2026 तक लागू हो जाएगी और इसके जरिए बिहार में अधिक से अधिक उद्योगों की स्थापना होगी, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे.
उन्होंने यह भी कहा कि यह पॉलिसी खासकर उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण होगी जो रोजगार के लिए बिहार से बाहर चले जाते हैं. सम्राट चौधरी ने बताया कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि पांच साल के अंदर उन सभी लोगों को चिन्हित कर उन्हें बिहार में रोजगार के मौके प्रदान किए जाएं. यह एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसे राज्य सरकार प्राथमिकता के तौर पर उठा रही है. इससे बिहार के युवा बेरोजगारी के मुद्दे पर राहत महसूस करेंगे और बाहर जाने की बजाय अपने राज्य में ही नौकरी पा सकेंगे.
गन्ना उद्योग को बढ़ावा देने पर जोर
सम्राट चौधरी ने बिहार में गन्ना उद्योग को बढ़ावा देने की दिशा में भी कदम उठाने की बात की. उन्होंने कहा कि गन्ना किसानों और कृषि वैज्ञानिकों से अपील की है कि वे नई तकनीकों के साथ-साथ पुरानी कृषि पद्धतियों को भी अपनाएं. उनका मानना है कि पुरानी पद्धतियों को ध्यान में रखते हुए गन्ना उत्पादन में सुधार किया जा सकता है, जो राज्य के किसानों के लिए फायदेमंद होगा.
सम्राट चौधरी ने कहा कि गन्ना उद्योग का विकास राज्य के आर्थिक ढांचे को मजबूत कर सकता है. उन्होंने किसानों से अपील की कि वे नई तकनीकों को अपनाएं और कृषि के पुराने तरीकों को भी बेहतर तरीके से उपयोग में लाएं.
राज्य सरकार इस दिशा में कदम उठा रही है और बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर से चालू करने के प्रयास कर रही है. इसके साथ ही, नई चीनी मिलों की स्थापना पर भी विचार किया जा रहा है. सम्राट चौधरी ने बताया कि वर्तमान में बिहार में 10 चीनी मिलें चालू हैं और आने वाले समय में इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी.
यह कदम राज्य के गन्ना किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण मौका होगा क्योंकि इससे उन्हें अपनी फसल का अच्छा मूल्य मिल सकेगा और उनकी आय में वृद्धि हो सकती है. साथ ही, इससे बिहार में रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न होंगे, खासकर गन्ना उत्पादन से जुड़े लोगों के लिए.
कृषि क्षेत्र में और सुधार की आवश्यकता
सम्राट चौधरी ने यह भी कहा कि कृषि क्षेत्र में सुधार की दिशा में बिहार सरकार कई योजनाएं बना रही है. उनकी मान्यता है कि कृषि की पुरानी पद्धतियों में कुछ सुधार किया जाना चाहिए ताकि किसानों को अधिक उत्पादन मिल सके. इसके लिए राज्य सरकार कृषि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों से सलाह लेकर नई योजनाओं को लागू करने की कोशिश कर रही है.
इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि सरकार किसानों के लिए कई योजनाएं लेकर आई है, जो उन्हें वित्तीय सहायता और उन्नत कृषि उपकरणों तक पहुंच प्रदान करेगी. सम्राट चौधरी का मानना है कि अगर कृषि क्षेत्र को सही दिशा में चलाया जाए, तो बिहार के किसान आत्मनिर्भर हो सकते हैं और राज्य की अर्थव्यवस्था भी मजबूत हो सकती है.
ये भी पढ़ें- होर्मुज स्ट्रेट में फंसे अपने जहाजों को निकालेगा भारत, नौ सेना के युद्धपोत करेंगे एस्कॉर्ट? जानें प्लान