Mukhyamantri Awas Yojana: बिहार सरकार ने मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास सहायता योजना के तहत इस वित्तीय वर्ष में राज्य के 2670 गरीबों को अधूरे और अपूर्ण आवासों की मरम्मत के लिए 50-50 हजार रुपये देने का निर्णय लिया है. इस पहल से गरीबों को उनके घरों की मरम्मत करने और उन्हें रहने लायक बनाने में मदद मिलेगी. सरकार इस योजना पर कुल 1135 लाख रुपये खर्च करेगी.
योजना का उद्देश्य और लक्ष्य
यह योजना विशेष रूप से उन आवासों के लिए है जो 1 अप्रैल 2010 से पूर्व इंदिरा आवास योजना के तहत बनाए गए थे, लेकिन उस समय आवास का निर्माण पूरा नहीं हो पाया. पहले सरकार की तरफ से केवल 35 हजार रुपये दिए जाते थे, जो आवास के निर्माण के लिए पर्याप्त नहीं थे. इस कारण कई घर अधूरे रह गए थे. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में अब इन अधूरे घरों की मरम्मत के लिए 50 हजार रुपये की राशि दी जाएगी. इस राशि से गरीब परिवारों के घरों की मरम्मत हो सकेगी और उनकी स्थिति में सुधार होगा.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का अहम निर्णय
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस योजना को लागू करने का निर्णय लिया ताकि अधिक से अधिक लोगों को लाभ मिले. बिहार सरकार का यह कदम राज्य के गरीबों के लिए राहत लेकर आया है, जो अब अपनी छत और घर की मरम्मत के लिए सरकारी मदद का लाभ उठा सकेंगे.
जिलावार लाभार्थियों का निर्धारण
ग्रामीण विकास विभाग ने इस योजना के तहत विभिन्न जिलों के लिए लक्ष्य निर्धारित किया है. किशनगंज में 102, नवादा में 100, गोपालगंज में 100, जहानाबाद में 100, मधेपुरा में 100, सारण में 100, सुपौल में 100, गया में 100, और पूर्वी चंपारण में 100 लाभार्थियों को यह सहायता मिलेगी. इसके अलावा, सीतामढ़ी में सबसे अधिक 313, दरभंगा में 256, और नालंदा में 250 लाभार्थियों को इस योजना का लाभ मिलेगा.
इन जिलों में चिह्नित किए गए लाभुक
बता दें कि पूर्णिया, अरवल, शिवहर, औरंगाबाद, बांका, मुंगेर, बेगूसराय, पश्चिम चंपारण में 25-25 लाभुकों को इस योजना का लाभ मिलेगा. इसके अलावा सहरसा, सीवान, शेखपुरा, अररिया, पटना, भागलपुर, भोजपुर, जमुई, कटिहार, रोहतास, बक्सर, लखीसराय, मुजफ्फरपुर, कैमूर, खगड़िया, समस्तीपुर और वैशाली में 25-25 लाभुक इस योजना के लिए चिह्नित हुए हैं.
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