Nitish Kumar Rajyasabha: नीतीश कुमार ने बिहार की राजनीति में एक बड़ा और चौंकाने वाला कदम उठाते हुए गुरुवार, 5 मार्च को राज्यसभा चुनाव 2026 के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया. इस मौके पर अमित शाह समेत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे. लंबे समय से राज्य की राजनीति के केंद्र में रहे नीतीश कुमार के इस फैसले ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है.
दो दशकों की राजनीति के बाद नया मोड़
नीतीश कुमार वर्ष 2005 से लगातार बिहार के मुख्यमंत्री पद पर काबिज रहे हैं और हाल ही में 27 फरवरी को उन्होंने 10वीं बार इस पद की शपथ ली थी. ऐसे में उनके राज्यसभा जाने के फैसले को राजनीतिक करियर के एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है.
उन्होंने अपने बयान में साफ किया कि यह फैसला अचानक नहीं, बल्कि उनकी लंबे समय से रही एक इच्छा का हिस्सा है. उन्होंने कहा कि संसदीय जीवन की शुरुआत से ही उनका सपना रहा है कि वे राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों के साथ-साथ संसद के दोनों सदनों का भी हिस्सा बनें.
#WATCH | NDA's Rajya Sabha candidates from Bihar, including Nitish Kumar and Nitin Nabin, file their nomination in the presence of Union Minister Amit Shah in Patna. pic.twitter.com/VGtsX0xl3T
— ANI (@ANI) March 5, 2026
जनता के नाम भावुक संदेश
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर साझा किए गए संदेश में नीतीश कुमार ने राज्य की जनता के प्रति आभार जताया. उन्होंने लिखा कि पिछले दो दशकों से अधिक समय तक लोगों ने उन पर भरोसा जताया और उसी भरोसे की बदौलत उन्होंने पूरी निष्ठा के साथ राज्य की सेवा की.
उन्होंने यह भी कहा कि बिहार आज विकास और सम्मान की नई पहचान बना रहा है, और इसमें जनता के समर्थन की सबसे बड़ी भूमिका रही है. नीतीश कुमार ने भरोसा दिलाया कि पद छोड़ने के बावजूद उनका संबंध राज्य की जनता से बना रहेगा और वे आगे भी बिहार के विकास के लिए सक्रिय भूमिका निभाते रहेंगे.
नई सरकार को देंगे पूरा सहयोग
अपने बयान में उन्होंने यह स्पष्ट किया कि राज्य में बनने वाली नई सरकार को उनका पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलेगा. उन्होंने कहा कि विकसित बिहार के निर्माण का उनका संकल्प आगे भी अडिग रहेगा और वे नई नेतृत्व टीम के साथ मिलकर काम करेंगे. इस बयान को राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह सत्ता हस्तांतरण को सहज और स्थिर बनाने का संकेत देता है.
बिहार की राजनीति में संभावित बदलाव
वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को बड़ी जीत मिलने के बाद अब नीतीश कुमार के पद छोड़ने से नई राजनीतिक संभावनाएं उभर रही हैं. ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि भारतीय जनता पार्टी का कोई नेता मुख्यमंत्री पद संभाल सकता है. यदि ऐसा होता है, तो यह पहली बार होगा जब बिहार में बीजेपी का मुख्यमंत्री बनेगा.
राज्यसभा चुनाव की स्थिति
अब तक हिंदी भाषी राज्यों में बिहार ही एक ऐसा प्रमुख राज्य रहा है, जहां बीजेपी का मुख्यमंत्री नहीं रहा है. ऐसे में यह बदलाव राज्य की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत कर सकता है.
बिहार से राज्यसभा की पांच सीटों के लिए 16 मार्च को चुनाव होना है, जबकि नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 5 मार्च थी. राज्य विधानसभा में मौजूदा संख्या बल को देखते हुए यह माना जा रहा है कि नीतीश कुमार का राज्यसभा के लिए निर्वाचित होना लगभग तय है.
ये भी पढ़े- 20 सालों बाद बिहार में नीतीश युग का अंत, राज्यसभा जाने का किया ऐलान; एक्स पर पोस्ट करके दी जानकारी