सोलर प्लांट, बेली ब्रिज और नए केंद्रीय विद्यालय... बिहार कैबिनेट ने 22 प्रस्तावों को दी हरी झंडी

Bihar Cabinet Decisions: बिहार सरकार ने राज्य के विकास को नई रफ्तार देने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगा दी है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कुल 22 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई.

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Bihar Cabinet Decisions: बिहार सरकार ने राज्य के विकास को नई रफ्तार देने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगा दी है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कुल 22 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. इन फैसलों में सबसे प्रमुख निर्णय सरकारी भवनों पर बड़े पैमाने पर रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित करने का है. इसके अलावा कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, डेयरी, शहरी विकास और आधारभूत ढांचे से जुड़ी कई योजनाओं को भी स्वीकृति दी गई, जिनका असर आने वाले वर्षों में राज्य के विकास पर दिखाई देगा.

सरकारी भवनों पर लगेंगे 500 मेगावाट सोलर प्लांट

कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2029-30 तक चरणबद्ध तरीके से सरकारी भवनों पर 500 मेगावाट क्षमता के रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने की योजना को मंजूरी दी है. सरकार का उद्देश्य बिजली पर होने वाले खर्च को कम करना और राज्य में स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना है. इस परियोजना को बिहार के ऊर्जा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे सरकारी संस्थानों की ऊर्जा जरूरतें पर्यावरण के अनुकूल तरीके से पूरी की जा सकेंगी.

रेस्को मॉडल से लागू होगी योजना

सरकार इस परियोजना को रेस्को (RESCO) मॉडल के तहत लागू करेगी. इस व्यवस्था में निजी कंपनियां अपने निवेश से सरकारी भवनों पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करेंगी और उनका संचालन व रखरखाव भी करेंगी. इसके बदले सरकार निर्धारित दर पर इन संयंत्रों से उत्पादित बिजली खरीदेगी.

इस मॉडल का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि सरकार को शुरुआती पूंजी निवेश नहीं करना पड़ेगा. संबंधित विभागों को बिजली खरीद समझौते (Power Purchase Agreement) करने की अनुमति भी दे दी गई है, जिससे परियोजना को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा सके.

बिजली बिल में होगी बचत

राज्य सरकार का मानना है कि इस योजना से सरकारी कार्यालयों और संस्थानों के बिजली खर्च में उल्लेखनीय कमी आएगी. साथ ही स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिलने से कार्बन उत्सर्जन कम होगा और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी. ऊर्जा विशेषज्ञों का भी मानना है कि भविष्य में बढ़ती बिजली लागत के बीच यह पहल सरकारी खर्च कम करने के साथ ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभाएगी.

कृषि और डेयरी क्षेत्र के लिए भी बड़े फैसले

मंत्रिमंडल ने कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के तहत 79.84 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी है. वहीं डिजिटल कृषि मिशन के अंतर्गत किसान रजिस्ट्री और डिजिटल फसल सर्वे के लिए 154 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं. इसके अलावा बिहार एक्वाकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के गठन को भी मंजूरी मिली है. डेयरी क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए कॉमफेड के तहत बल्क मिल्क कूलर और दूध जांच मशीनों की स्थापना के लिए राज्यांश स्वीकृत किया गया है.

शहरी विकास और आधारभूत ढांचे को मिलेगी नई रफ्तार

कैबिनेट बैठक में पटना, सोनपुर, गया और मुजफ्फरपुर में ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने के लिए भूमि अधिग्रहण को मंजूरी दी गई. इसके साथ ही राज्य में परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए चार प्रमुख कॉरिडोर में आरआरटीएस (रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कराने का फैसला भी लिया गया. विक्रमशिला सेतु के मरम्मत कार्य के लिए 126.25 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है, जिससे इस महत्वपूर्ण पुल की संरचनात्मक मजबूती सुनिश्चित की जा सके.

शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में भी कई अहम निर्णय

मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना की अवधि बढ़ाकर वर्ष 2030-31 तक करने का निर्णय लिया है. इंजीनियरिंग कॉलेजों में एमटेक पाठ्यक्रमों के संचालन के लिए 76 नए शिक्षकीय पदों के सृजन को भी मंजूरी दी गई है. स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के तहत एम्स पटना के विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण को स्वीकृति मिली है. वहीं मधुबनी, मुंगेर और मुजफ्फरपुर में केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना के लिए भूमि उपलब्ध कराने का भी निर्णय लिया गया है.

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