Bihar Monsoon Session: बिहार विधानसभा का मानसून सत्र 20 जुलाई 2026 से शुरू होने जा रहा है. पांच दिनों तक चलने वाले इस सत्र में सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयकों को सदन के पटल पर रखेगी. इनमें भूमि, स्वास्थ्य, शिक्षा, नगर विकास, कर व्यवस्था और उद्योग से जुड़े कई संशोधन प्रस्ताव शामिल हैं. सरकार का दावा है कि इन बदलावों का उद्देश्य प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाना और बदलते समय के अनुरूप कानूनों को अपडेट करना है. वहीं, विपक्ष इन विधेयकों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है, जिससे सदन में तीखी बहस देखने को मिल सकती है.
पांच दिन चलेगा विधानसभा का मानसून सत्र
बिहार विधानसभा का यह मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर पांच दिनों तक चलेगा. इस दौरान सरकार का पूरा फोकस लंबित विधायी कार्यों को आगे बढ़ाने और नए कानूनों को सदन में प्रस्तुत करने पर रहेगा. सरकार ने इस सत्र के लिए व्यापक विधायी एजेंडा तैयार किया है, जिसमें कुल 13 महत्वपूर्ण विधेयक शामिल किए गए हैं. इनमें अधिकांश संशोधन विधेयक हैं, जिन्हें वर्तमान जरूरतों के अनुसार तैयार किया गया है.
'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' पर रहेगा खास जोर
इस बार के सत्र में सबसे अधिक चर्चा बिहार ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक को लेकर होने की संभावना है. सरकार का मानना है कि इस कानून के लागू होने से राज्य में निवेश को बढ़ावा मिलेगा और उद्योगों के लिए कारोबारी माहौल पहले से अधिक अनुकूल बनेगा. इस पहल का उद्देश्य निवेशकों के लिए प्रक्रियाओं को आसान बनाना और बिहार में नए उद्योगों की स्थापना को गति देना है.
सदन की कार्यवाही में बढ़ेगा डिजिटल इस्तेमाल
मानसून सत्र में तकनीक के इस्तेमाल को भी बढ़ावा दिया जा रहा है. अब शून्यकाल और ध्यानाकर्षण प्रस्तावों की सूचनाएं ऑनलाइन माध्यम से भी स्वीकार की जाएंगी. सदस्यों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शून्यकाल की सूचना सुबह 8 बजे से 9 बजे तक और ध्यानाकर्षण प्रस्ताव सुबह 9 बजे से 10 बजे तक ऑनलाइन जमा करने की व्यवस्था की गई है. इससे विधायकों को पहले की तुलना में अधिक सुविधा मिलने की उम्मीद है.
अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश
सत्र के दौरान विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और सचिव स्तर के अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य की गई है. सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सदन में पूछे जाने वाले सभी प्रश्नों के उत्तर समय पर उपलब्ध कराए जाएं. इसके साथ ही अधिकारियों को विधायकों के प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन करने और समितियों की बैठकों में सक्रिय रूप से शामिल रहने को भी कहा गया है.
इन प्रमुख विधेयकों पर होगी चर्चा
मानसून सत्र में बिहार जुआ (प्रतिषेध) विधेयक, बिहार माल एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक, बिहार भूमि दाखिल-खारिज (संशोधन) विधेयक, बिहार चिकित्सा (संशोधन) विधेयक, बिहार नर्सेज पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, बिहार नगर विकास विधेयक, बिहार निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, भारतीय स्टांप (बिहार संशोधन) विधेयक, निबंधन (बिहार संशोधन) विधेयक और बिहार ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक सहित कुल 13 महत्वपूर्ण प्रस्ताव सदन में पेश किए जाएंगे. इन विधेयकों के जरिए सरकार प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाने का दावा कर रही है.
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