कोविड-19 के नए वेरिएंट्स की दस्तक के बीच बिहार स्वास्थ्य विभाग ने एक अहम कदम उठाते हुए सोमवार को विकास भवन स्थित सभागार में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया. इस बैठक की अध्यक्षता राज्य के विकास आयुक्त एवं स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने की. बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य में कोविड की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करना और उससे निपटने की तैयारियों को और बेहतर बनाना रहा.
बैठक के दौरान राज्यभर के सिविल सर्जनों, मेडिकल कॉलेजों के अधीक्षकों एवं स्वास्थ्य संस्थानों के प्रतिनिधियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संवाद किया गया. कोविड की जांच, इलाज, संसाधनों की उपलब्धता, और दवाओं-ऑक्सीजन की आपूर्ति जैसे अहम मुद्दों पर गंभीरता से चर्चा हुई.
घबराएं नहीं, सतर्क रहें
प्रत्यय अमृत ने आमजन से अपील की कि कोविड के नए सब-वेरिएंट्स NB.1.8.1 और LF.7 को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि सतर्क और जागरूक रहना जरूरी है. उन्होंने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इन वेरिएंट्स को अभी "निगरानी में रखे गए वेरिएंट" की श्रेणी में रखा है. अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे संदिग्ध मामलों की जल्द पहचान करें, सक्रिय निगरानी रखें और समय पर जांच सुनिश्चित करें. इसके साथ ही प्रत्येक जिला किसी भी आकस्मिक स्थिति के लिए तैयार रहे.
संसाधनों की कोई कमी नहीं
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि सभी जिलों को पर्याप्त मात्रा में जांच किट, मास्क, दवाएं, ऑक्सीजन सिलेंडर, और अन्य जरूरी उपकरण भेजे जा रहे हैं. बैठक में पारदर्शिता और जवाबदेही पर विशेष बल देते हुए जन जागरूकता अभियान और नियमित निगरानी को मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए.
बैठक में ये अधिकारी रहे शामिल
बैठक में स्वास्थ्य विभाग के सचिव मनोज कुमार सिंह, बीएमएसआईसीएल के प्रबंध निदेशक धर्मेंद्र कुमार, स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त सचिव डॉ. अनुपमा सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. इसके अलावा राज्य के सभी जिलों के सिविल सर्जन, सरकारी मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्य और अधीक्षक, साथ ही एम्स पटना, आईजीआईएमएस, आरएमआरआई, ईएसआईसी और बिहटा के प्रतिनिधियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से भागीदारी की.
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