Bihar Land Department: बिहार में जमीन से जुड़े मामलों को लेकर आम लोगों को लंबे समय से परेशानियों का सामना करना पड़ता रहा है. दाखिल-खारिज, म्यूटेशन, जमाबंदी, सीमांकन और कब्जे से जुड़े विवाद अक्सर सालों तक अटके रहते हैं. इन्हीं समस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर राज्य सरकार अब सख्त और सक्रिय नजर आ रही है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा लगातार इस दिशा में कार्रवाई कर रहे हैं और अब उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट टास्क सौंप दिया है.
राज्य सरकार के नए आदेश के तहत अब राजस्व पदाधिकारी सप्ताह में दो दिन आम लोगों की जमीन से जुड़ी समस्याएं सुनेंगे. यह व्यवस्था 19 जनवरी से पूरे राज्य में लागू की जा रही है. इसके तहत सभी राजस्व कार्यालयों में तय दिनों पर जनसुनवाई होगी, ताकि लोगों को अपनी शिकायतों के समाधान के लिए बार-बार दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें.
19 जनवरी से हर सोमवार व शुक्रवार सभी राजस्व कार्यालयों में होगी जनसुनवाई pic.twitter.com/2a52UsjUzF
— Vijay Kumar Sinha (@VijayKrSinhaBih) January 17, 2026
सोमवार और शुक्रवार को अनिवार्य होगी सुनवाई
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, प्रत्येक सप्ताह सोमवार और शुक्रवार को जनसुनवाई अनिवार्य होगी. इन दोनों दिनों में आम नागरिक अपनी जमीन से जुड़ी शिकायतें सीधे राजस्व अधिकारियों के सामने रख सकेंगे. सरकार का मानना है कि तय समय और तय दिन पर सुनवाई होने से व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और मामलों के निपटारे की गति भी तेज होगी.
गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव भी सुनेंगे शिकायतें
सिर्फ राजस्व पदाधिकारी ही नहीं, बल्कि गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी भी सप्ताह में दो दिन लोगों की समस्याएं सुनेंगे. वे अपने कार्यालय में सोमवार को सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक और शुक्रवार को दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक जनसुनवाई करेंगे. इससे भूमि विवादों से जुड़े प्रशासनिक और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों का भी समाधान आसान होगा.
मंत्री विजय सिन्हा ने बताया फैसले का उद्देश्य
मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट किया कि राजस्व प्रशासन का उद्देश्य केवल नियमों और कानूनों का पालन कराना नहीं है, बल्कि आम जनता की समस्याओं का पारदर्शी और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना भी है. उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि लोगों को उनकी जमीन से जुड़ी सेवाएं समय पर और बिना किसी भटकाव के मिलें. उन्होंने यह भी कहा कि यह पहल मुख्यमंत्री के सात निश्चय-3 के तहत ‘सबका सम्मान, जीवन आसान’ के संकल्प को जमीन पर उतारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
प्रमंडलीय आयुक्त और कलेक्टरों को भी अहम जिम्मेदारी
डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने बताया कि इस पूरी व्यवस्था में प्रमंडलीय आयुक्त और जिला कलेक्टरों की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण होगी. प्रत्येक प्रमंडल में आयुक्त और हर जिले में कलेक्टर यह सुनिश्चित करेंगे कि राजस्व प्रशासन सक्रिय, जवाबदेह और जनहितकारी तरीके से काम करे. सरकार को उम्मीद है कि इससे लंबित मामलों में कमी आएगी और जनता का भरोसा मजबूत होगा.
जन संवाद कार्यक्रम के जरिए सीधे लोगों से मिल रहे मंत्री
राज्य सरकार की इस पहल को मजबूती देने के लिए मंत्री विजय सिन्हा खुद भी मैदान में उतर चुके हैं. वे जन संवाद कार्यक्रम के तहत लगातार अलग-अलग जिलों का दौरा कर रहे हैं. इस दौरान वे सीधे आम लोगों से मिलकर उनकी जमीन से जुड़ी समस्याएं सुन रहे हैं और मौके पर ही अधिकारियों को समाधान के निर्देश दे रहे हैं.
सरकार का मानना है कि इस नई व्यवस्था और नियमित जनसुनवाई से जमीन विवादों को लेकर जनता की परेशानी काफी हद तक कम होगी और राजस्व प्रशासन अधिक संवेदनशील और प्रभावी बन सकेगा.
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