Bharat Nyay Yatra 2024 लोकसभा चुनाव 2024 से पहले कांग्रेस ने बड़ा फैसला लिया है. राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के बाद कांग्रेस ने भारत न्याय यात्रा शुरू करने का फैसला लिया है. 14 जनवरी, 2024 से शुरू हो रही इस यात्रा में राहुल गांधी समेत कांग्रेस के कई बड़े नेता शामिल होंगे. कांग्रेस इस यात्रा में लगभग 6200 किलोमीटर दूरी तय करेगी, लेकिन यह यात्रा पूरी तरह पैदल तय नहीं की जाएगी, बल्कि इस यात्रा में बस का भी इस्तेमाल किया जाएगा.
14 राज्यों के 85 जिलों को कवर करेगी भारत न्याय यात्रा
इस यात्रा में कांग्रेस पैदल और बस के जरिए 14 राज्यों के 85 जिलों को कवर करेगी. 6200 किलोमीटर की इस यात्रा में मणिपुर, नगालैंड, असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र शामिल हैं.
क्या मणिपुर हिंसा की वजह से नाम रखा भारत न्याय यात्रा?
इस साल मई महीने में मणिपुर में हिंसा की बात सामने आई थी, जो छिटपुट अब भी जारी है. इसके कुछ महीने बाद राहुल गांधी ने मणिपुर का दौरा किया था और वहां हिंसा पीड़ितों से मुलाकात भी की थी. इसके अलावा, कांग्रेस मणिपुर हिंसा को लेकर संसद में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी लेकर आई थी. हालांकि यह प्रस्ताव संसद में गिर गया. कांग्रेस इस यात्रा के जरिए अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचना चाहती है, इसीलिए पार्टी ने इतनी लंबी यात्रा का रूट चुना है और शायद इसी वजह से कांग्रेस ने इसकी शुरुआत मणिपुर से की है.
क्यों रखा गया भारत न्याय यात्रा नाम ?
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश से जब पूछा गया कि इस यात्रा का नाम भारत न्याय यात्रा क्यों रखा गया तो इस पर उन्होंने कहा कि हम जनता को आश्वासन दिलाना चाहते हैं कि आर्थिक, सामाजिक और रणनीतिक न्याय उपलब्ध कराएंगे. पहली यात्रा 12 राज्यों से होकर गुजरी थी, जबकि ये दूसरी यात्रा 14 राज्यों से होकर गुजरेगी.